3100 रुपये के रेट पर धान खरीदने का वादा निभाए बीजेपी- हुड्डा
चंडीगड़, 2 अक्टूबर। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रबी की फसलों के एमएसपी में हुई बढ़ोतरी को नाकाफी बताया है। उन्होंने कहा कि यह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। क्योंकि सरकार ने बमुश्किल 25 पैसे प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। जबकि बीजेपी सरकार के दौरान हर साल महंगाई बेतहाशा गति से बढ़ती जा रही है।
आज पेट्रोल, डीजल, गैस के दाम आसमान छू रहे हैं। खेती के उपकरणों से लेकर खाद, बीज, दवाई और मजदूर तक इतनी महंगी हो गई है कि किसान खेती छोड़ने को मजबूर हैं।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि अगर कांग्रेस के साथ तुलना की जाए तो हमारे कार्यकाल में फसलों के रेट में हर साल औसतन 14% की बढ़ोत्तरी होती थी। जबकि बीजेपी के कार्यकाल में यह घटकर मात्र 5% रह गई है। यानी कांग्रेस एमएसपी में बीजेपी के मुकाबले 3 गुना ज्यादा बढ़ोत्तरी करती थी।
ऊपर से सितम यह है कि बीजेपी सरकार जिस एमएसपी की घोषणा करती है, वह भी किसानों को नहीं दी जाती।
हुड्डा ने धान और बाजरे का उदाहरण देते हुए बताया कि सरकारी खरीद नहीं होने की वजह से आज किसानों को ₹400 प्रति क्विंटल तक कम रेट पर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है। किसानों और विपक्ष द्वारा बार-बार मांग के बावजूद सरकार खरीद में देरी कर रही है।
किसानों को मंडियों में सिर्फ एमएसपी ही नहीं, बल्कि तमाम आधारभूत सुविधाओं से वंचित कर दिया गया है। वहां ना फसल को रखने की उचित व्यवस्था है, ना ही तोल के लिए कांटे हैं, ना उठान और रखरखाव के कोई प्रबंध किए गए हैं। ऊपर से सरकार द्वारा एकबार फिर लिमिट लगाकर किसानों को लंबे इंतजार के लिए मजबूर कर दिया है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी किसानों को धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल भाव देने का वादा करके सत्ता में आई थी। लेकिन आज किसान की धान मंडियों में एमएसपी से भी कम रेट पर पिट रही है। क्योंकि ना तो सरकारी खरीद शुरू की गई है और ना ही बीजेपी ने अपना चुनावी वादा निभाया है।








