राजस्व, पीडीएस और मानसून तैयारियों की समीक्षा कर दिए आवश्यक दिशा निर्देश
पुराने राजस्व मामलों के शीघ्र निपटान, जमाबंदी व म्यूटेशन ऑनलाइन करने और वसूली में तेजी लाने के निर्देश
पीडीएस में पारदर्शिता, मंडियों में फसल उठान और मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर

गुरुग्राम, 30 अप्रैल। गुरुग्राम मंडल के आयुक्त रवि प्रकाश गुप्ता ने वीरवार को आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभिन्न प्रशासनिक एवं जनसेवा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की गहन समीक्षा की। बैठक में राजस्व मामलों के निस्तारण, जमाबंदी एवं म्यूटेशन के ऑनलाइनकरण, प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन, पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत राशन वितरण, आगामी बरसात के मद्देनज़र जल निकासी की तैयारियों तथा रात्रि ठहराव कार्यक्रम सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने राजस्व मामलों से संबंधित राजस्व कोर्ट के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि तहसीलदार स्तर पर एक वर्ष से अधिक तथा एसडीएम स्तर पर दो वर्ष से अधिक पुराने मामलों की पेंडेंसी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने ऑनलाइन जमाबंदी की प्रगति और लंबित म्यूटेशन की समीक्षा करते हुए कहा कि तीनों जिले की सभी तहसीलों में जमाबंदी को पूर्णतः ऑनलाइन करने का कार्य शीघ्र पूरा किया जाए तथा म्यूटेशन से संबंधित सभी प्रविष्टियों को समय पर अपडेट किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व अभिलेखों में पारदर्शिता और सटीकता बनाए रखने के लिए तकनीकी प्रणाली का अधिकतम उपयोग किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मंडलायुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि राजस्व वसूली के कार्यों में तेजी लाई जाए और लंबित बकाया की वसूली के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े सभी मामलों में जवाबदेही तय करते हुए नियमित समीक्षा की जाए, ताकि कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हो सकें।
पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (पीडीएस) के तहत राशन वितरण कार्य की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी डीएफएससी नियमित रूप से डिपो धारकों के स्टॉक की जांच करें और वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पात्र लाभार्थियों के साथ डिपो धारकों का व्यवहार सम्मानजनक और संतोषजनक हो। साथ ही यह भी निगरानी रखी जाए कि सभी डिपो निर्धारित समय के अनुसार नियमित रूप से खुले रहें, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके अतिरिक्त मंडलायुक्त ने तीनों जिलों के डीएफएससी को अनाज मंडियों में फसल आवक की समय पर लिफ्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उठान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और भंडारण व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।
आगामी मानसून के मद्देनज़र जलभराव की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु विभागवार तैयारियों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग समय रहते ड्रेनों, नालों और सीवर लाइनों की सफाई कार्य पूर्ण करें, ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों को जलभराव संभावित क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है, वहां आवश्यकतानुसार पंपिंग सेट एवं अन्य उपकरण पहले से ही उपलब्ध कराए जाएं तथा उनकी कार्यशील स्थिति की नियमित जांच की जाए। इसके साथ ही फील्ड स्तर पर टीमों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व में जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जाए और वहां स्थायी समाधान की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि मानसून के दौरान जनजीवन सामान्य बना रहे।
बैठक में डीसी गुरुग्राम उत्तम सिंह, गुरुग्राम निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, डीसी रेवाड़ी अभिषेक मीणा, डीसी महेंद्रगढ़ अनुपमा अंजलि, मानेसर के निगम आयुक्त प्रदीप सिंह सहित मंडल के तीनों जिलों के एसडीएम सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।








