प्रदूषण नियंत्रण के सख्त निर्देश, टैप न किए गए स्रोतों पर समयबद्ध कार्रवाई के आदेश
बायोमेडिकल और सी एंड डी वेस्ट प्लांट की कार्यप्रणाली का अवलोकन, नियमित मॉनिटरिंग के भी निर्देश

गुरुग्राम, 30 अप्रैल- हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव योगेश कुमार ने गुरुवार को गुरुग्राम में लेग-3 ड्रेन (बादशाहपुर ड्रेन), कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी तथा नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) की सी एंड डी वेस्ट प्रोसेसिंग साइट का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न स्थलों पर जाकर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान कर तथा ड्रेन में प्रदूषित जल के प्रवाह को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की स्थिति की समीक्षा की ताकि इन उपायों की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
इस दौरान एक्सईएन, जीएमडीए एवं नोडल अधिकारी विक्रम, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सीईई भूपेंद्र रिनवा, सीईई बलराज अहलावत, एसईई संजीव बुद्धिराजा तथा आरओ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गुरुग्राम (साउथ) सिद्धार्थ भार्गव भी उपस्थित रहे।

सदस्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन प्रदूषण स्रोतों को अभी तक टैप नहीं किया गया है, उनके संबंध में एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) जल्द प्रस्तुत की जाए। विशेष रूप से नगर निगम गुरुग्राम क्षेत्र की कॉलोनियों से जुड़े स्रोतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही करने को कहा गया। साथ ही सीवरेज के डायवर्जन और उसके उपचार की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए, ताकि ड्रेन में सीवेज का प्रवाह रोका जा सके।
उन्होंने आरडब्ल्यूए और आम नागरिकों से अपील की कि घरेलू सीवेज को नालों में न छोड़ें और टैंकरों के माध्यम से आसपास के जल स्रोतों में इसका निस्तारण न करें, क्योंकि इससे जल प्रदूषण बढ़ता है और पर्यावरण को नुकसान होता है।
सदस्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि ड्रेन में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम करें और पर्यावरण मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
इसके बाद उन्होंने कॉमन बायोमेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्लांट की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया गया और संचालक को निर्देश दिए गए कि वह उन सभी स्वास्थ्य संस्थानों का विवरण प्रस्तुत करे, जिनके साथ उसका वैध अनुबंध है। साथ ही प्लांट में प्राप्त और निस्तारित किए जा रहे बायोमेडिकल वेस्ट का पूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने को कहा गया।
इसके उपरांत उन्होंने सी एंड डी वेस्ट प्रोसेसिंग साइट का निरीक्षण किया गया। प्लांट संचालक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे प्लांट का नियमित निरीक्षण करें तथा मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि संचालन पर्यावरण मानकों के अनुरूप बना रहे।








