आज का दिन इतिहास  का काला दिन, जब विपक्ष ने सदन का अपमान करके सदन के बाहर डुप्लीकेट सेशन चलाया

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सबने देखा कि कांग्रेस लोकतंत्र की लड़ाई, विधानमंडल में नहीं, वाहन मंडल में लड़ रही है

मुख्यमंत्री का शयराना अंदाज, बोले – जनता ने जिन्हें बहस के लिए भेजा था यहां, वो पार्किंग में खड़े होकर परछाईयों से लड़ रहे हैं

न कायदा, न कार्रवाई, न अध्यक्ष का सम्मान, गाड़ियों में चल रहा है कांग्रेस का संविधान

चंडीगढ़, 27 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा विधानसभा के विशेष  सत्र के  दौरान  कांग्रेस के सदन में ना आने पर तीखा प्रहार करते हुए कहा आज का दिन हरियाणा के इतिहास का काला दिन है, क्योंकि विपक्ष ने सदन की गरिमा का अपमान करते हुए सदन के बहार डुप्लीकेट सेशन चलाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की जनता आज सोच रही है कि ऐसा पहली बार देखा कि लोकतंत्र की लड़ाई, विधानमंडल में नहीं, वाहन मंडल में लड़ रही है कांग्रेस। उन्होंने शयराना अंदाज में कहा कि बड़े दुख की बात है कि जनता ने जिन्हें बहस के लिए भेजा था यहां, वो पार्किंग में खड़े होकर परछाईयों से लड़ रहे हैं। यह विधानसभा का, हरियाणा की हर महिला का, लोकतंत्र का और संविधान का अपमान है। उन्होंने कहा कि न कायदा, न कार्रवाई, न अध्यक्ष का सम्मान, गाड़ियों में चल रहा है कांग्रेस का संविधान। हरियाणा की जनता इस कु—कृत्य के लिए कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा लाया गया प्रस्ताव किसी प्रकार का राजनीतिक प्रस्ताव नहीं है और इसमें निंदा शब्द का उपयोग नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव केवल माताओं और बहनों के मान-सम्मान, उनके अधिकारों तथा सशक्तिकरण को समर्पित है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा विधानसभा की पार्किंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डुप्लीकेट सेशन चलाया गया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायक सरदार जरनैल सिंह ने अपने वक्तव्य में स्वयं स्वीकार किया है कि उनकी पार्टी की सोच में बदलाव की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के  इस  कू -कृत्य  के विरोध में सदन में निंदा प्रस्ताव लाने की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने विधायक श्री अर्जुन चौटाला द्वारा उठाए गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि यदि सरकार जनगणना और परिसीमन का इंतजार करती, तो वर्ष 2029 के आम चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समय पर अधिकार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक  लोकसभा में लाया गया।

उन्होंने जानकारी दी कि दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 6 किस्तें लाभार्थी बहनों के खातों में भेजी जा चुकी हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह  भी कहा कि इस योजना के किसी भी लाभार्थी परिवार का बीपीएल कार्ड रद्द नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विधानसभा का यह विशेष सत्र नारी शक्ति को समर्पित है। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार द्वारा तीन महत्वपूर्ण विधेयक संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि मूल रूप से 2026 की जनगणना और परिसीमन के बाद आरक्षण लागू करने का लक्ष्य था, लेकिन इसे जनगणना की शर्त से अलग करने का प्रयास किया गया, ताकि वर्ष 2029 के आम चुनाव में महिला शक्ति संसद में प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा सके।

मुख्यमंत्री ने सदन के माध्यम से उन विपक्षी दलों की घोर निंदा की, जिन्होंने इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की राजनीति का दोहरा चरित्र देश के सामने उजागर हुआ है। विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर झूठ और भ्रम फैलाया तथा यह कहा कि इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने तथ्यों के साथ स्पष्ट किया है कि किसी भी राज्य के प्रतिनिधित्व में कमी नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का प्रस्ताव केवल विपक्ष की आलोचना के लिए नहीं है, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश है कि जो भी महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेगा, उसे जनता के न्याय का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस प्रस्ताव का समर्थन करें और महिलाओं के सशक्तिकरण के इस महत्वपूर्ण प्रयास में सहभागी बनें।

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Author: Bharat Sarathi

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