गुरुग्राम में न्यायिक सुविधाओं का अभाव, कोर्ट ठप होने से उठे सवाल

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विकास सदन में आग से बिजली बाधित, “जस्टिस ऑफ टावर” प्रोजेक्ट में 6 साल की देरी पर चिंता

गुरुग्राम, 27 अप्रैल 2026। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एवं वरिष्ठ अधिवक्ता चौधरी संतोख सिंह ने गुरुग्राम में न्यायिक सुविधाओं की कमी को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि विकास सदन स्थित पोर्टा कैबिन कोर्ट परिसर में एमसीबी बॉक्स में आग लगने की घटना के कारण सभी अदालतों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे न्यायिक कार्य पूरी तरह ठप हो गया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में विकास सदन में 10 से 12 अदालतें अस्थायी पोर्टा कैबिन ढांचे में संचालित हो रही हैं, जो न्यायिक व्यवस्था की सीमित और अस्थायी स्थिति को दर्शाता है। इस तरह के ढांचे में अदालतों का संचालन न केवल न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा को प्रभावित करता है, बल्कि वकीलों, न्यायाधीशों और आम नागरिकों के लिए सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से भी चिंताजनक है।

चौधरी संतोख सिंह ने कहा कि गुरुग्राम हरियाणा सरकार को 50 प्रतिशत से अधिक राजस्व देता है, इसके बावजूद यहां की न्यायिक आधारभूत सुविधाएं अपेक्षित स्तर तक विकसित नहीं हो पाई हैं। उन्होंने इसे अत्यंत गंभीर विषय बताते हुए तत्काल सुधार की आवश्यकता जताई।

उन्होंने बताया कि नया न्यायालय परिसर “जस्टिस ऑफ टावर” वर्ष 2020 तक बनकर तैयार होना था, लेकिन 2026 तक भी इसका निर्माण कार्य अधूरा है। इस देरी के चलते न्यायिक कार्यप्रणाली पर दबाव बढ़ रहा है और मामलों के निपटारे में भी बाधाएं आ रही हैं।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि “जस्टिस ऑफ टावर” परियोजना को शीघ्र पूरा कर जल्द शुरू किया जाए, ताकि न्यायिक कार्य सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित हो सके। साथ ही उन्होंने जोर दिया कि गुरुग्राम जैसे महत्वपूर्ण शहर में न्यायिक ढांचे को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे आम जनता का न्याय प्रणाली पर विश्वास मजबूत हो।

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Author: Bharat Sarathi

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