सुभाष चौक से हीरो होंडा चौक: ड्रेनेज सिस्टम मजबूत करने और यातायात सुगमता में सुधारने पर जोर
जिला अदालत मार्ग: ग्रीन एरिया सुधार और रोड सेफ्टी उपाय को बढ़ावा
राजीव चौक: ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर बनाने के लिए एनएमटी इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग
महाराणा प्रताप चौक एवं अतुल कटारिया चौक: अर्बन डिजाइन, पैदल सुविधाएं और सस्टेनेबिलिटी पर पर विशेष ध्यान।
अतुल कटारिया चौक से सिग्नेचर टॉवर: अवैध डंपिंग रोकने और सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश
कन्हई चौक: बेहतर कनेक्टिविटी और रखरखाव के लिए कॉरिडोर सुधार

गुरुग्राम, 27 अप्रैल : गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पी.सी. मीणा ने सोमवार सुबह शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों का ऑन-ग्राउंड निरीक्षण किया। इस दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति का जायजा लिया गया और सुधार कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान जीएमडीए और नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस मौके पर श्री पी.सी. मीणा ने कहा, “इन निरीक्षणों का उद्देश्य इंफ्रास्ट्रक्चर में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें समयबद्ध तरीके से दूर करना है, खासकर मानसून को ध्यान में रखते हुए। ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने, रोड नेटवर्क सुधारने और ग्रीन एरिया बेहतर बनाने पर फोकस है। साथ ही, नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर स्पष्ट सुधार दिखाई दे।”
सुभाष चौक, जो शहर के सबसे व्यस्त जंक्शनों में से एक है, पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने मौजूदा सड़क एवं ड्रेनेज अवसंरचना की समीक्षा करते हुए तत्काल सुधार के लिए व्यापक निर्देश जारी किए। ड्रेनेज नेटवर्क को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया, जिसके तहत नालों की सफाई (डिसिल्टिंग), बायो-स्वेल्स का विकास तथा अतिरिक्त वॉटर ट्रैप और सड़क गली (रोड गली) का निर्माण कर उन्हें सतही नालों से जोड़ने के निर्देश दिए गए।अधिकारियों को सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी खुले मैनहोल को ढकने तथा सर्विस लेन के निर्बाध विकास हेतु अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, यातायात को सुव्यवस्थित करने और जाम की समस्या कम करने के लिए निर्धारित ऑटो स्टैंड बनाने तथा उचित बस बे विकसित करने के भी निर्देश दिए गए।

राजीव चौक पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने नॉन-मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट (एनएमटी) बुनियादी ढांचे की समीक्षा की और इसके वर्तमान उपयोग का आकलन किया। उन्होंने एनएचएआई अधिकारियों के साथ मौके पर ही चर्चा की और एनएमटी को बेहतर उपयोग में लाने और दोपहिया व तिपहिया वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में विकसित करने की संभावना पर विचार करने को कहा गया। गया। साथ ही क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट के विकास और रखरखाव में सुधार के निर्देश भी दिए गए।
इसके बाद जिला अदालत मार्ग का निरीक्षण किया गया, जहां ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज की मेंटेनेंस, खराब कर्ब स्टोन की मरम्मत और ग्रीन एरिया की सुरक्षा के लिए ग्रिल लगाने के निर्देश दिए गए।
महाराणा प्रताप चौक और अतुल कटारिया चौक पर सौंदर्यीकरण, पैदल मार्गों का निर्माण, ग्रीन बेल्ट में बायो-स्वेल्स और ड्रिप इरिगेशन सिस्टम अपनाने के निर्देश दिए गए। अतुल कटारिया चौक पर सीवर लाइन के कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए एमसीजी को निर्देशित किया गया।
अतुल कटारिया चौक से सिग्नेचर टॉवर तक के मार्ग के निरीक्षण के दौरान ग्रीन बेल्ट में अवैध रूप से मिट्टी एवं निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरे के डंपिंग पर कड़ी आपत्ति जताई गई। संबंधित स्थानों की सुरक्षा हेतु गार्ड तैनात करने, पुलिस के साथ समन्वय कर सख्त कार्रवाई करने, दोषियों पर जुर्माना लगाने तथा चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए।
कन्हई चौक पर कॉरिडोर स्तर के सुधार कार्यों की समीक्षा करते हुए फुटपाथ एवं ग्रीन बेल्ट के सुधार एवं उन्नयन, सर्विस रोड को सुदृढ़ करने तथा बेहतर कनेक्टिविटी के लिए नए स्लिप रोड विकसित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य मार्गों पर थर्मोप्लास्टिक लेन मार्किंग कराने तथा मिट्टी के ढेर एवं क्षतिग्रस्त बोल्डर को हटाकर स्वच्छता बहाल करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सिग्नेचर टॉवर से मिलेनियम सिटी सेंटर तक सेक्टर-29 मार्ग को भी शामिल किया गया, जहां सतही नालों की सफाई, ग्रीन बेल्ट से कचरा एवं मलबा हटाने तथा सेंट्रल वर्ज एवं ग्रीन बेल्ट की ग्रिलों से अवैध विज्ञापन पोस्टरों को हटाने के निर्देश दिए गए।
पूरे निरीक्षण के दौरान जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने जलभराव की समस्या से निपटने के लिए बाढ़/मानसून पूर्व तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हों और उनकी नियमित निगरानी की जाए, ताकि लोगों को जमीनी स्तर पर स्पष्ट सुधार देखने को मिल सके।






