स्थानीय विकास बनाम भावनात्मक मुद्दे: नगर निकाय चुनावों में मतदाताओं से सोच-समझकर मतदान की अपील : वेदप्रकाश विद्रोही
रेवाड़ी, 21 अप्रैल 2026 – स्वयंसेवी संस्था ‘ग्रामीण भारत’ के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा के मतदाताओं से अपील की है कि वे अंबाला, पंचकूला व सोनीपत नगर निगम चुनावों के साथ-साथ रेवाड़ी नगर परिषद और अन्य नगर निकाय चुनावों में स्थानीय मुद्दों, नागरिक सुविधाओं और शहरी विकास को आधार बनाकर अपने मेयर, चेयरमैन व पार्षदों का चयन करें।
उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों में प्रदेश या राष्ट्रीय स्तर के भावनात्मक मुद्दों पर मतदान करना “अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मारने” जैसा है। विद्रोही के अनुसार, इन चुनावों के परिणाम हरियाणा के शहरी विकास की दिशा तय करेंगे।
विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा जनता को मूल मुद्दों से भटकाकर भावनात्मक विषयों को उछालकर सत्ता का दुरुपयोग कर चुनाव जीतने का प्रयास करेगी। उनका कहना है कि पिछले 11 वर्षों में शहरी विकास और आधारभूत ढांचा कमजोर हुआ है, जिससे शहरों में रहने वाले नागरिकों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इन चुनावों में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस द्वारा समय से पहले मेयर और चेयरमैन उम्मीदवारों की घोषणा को उन्होंने “रणनीतिक बढ़त” बताया। विद्रोही के अनुसार, भाजपा में आंतरिक गुटबाजी के चलते उम्मीदवारों की घोषणा में देरी हुई है, जिससे कांग्रेस को लाभ मिलने की संभावना है।
रेवाड़ी जिले के संदर्भ में उन्होंने कहा कि रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका के चुनाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व के बावजूद इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं—जैसे पीने का पानी और स्वच्छता—की स्थिति बेहद खराब है।
अंत में विद्रोही ने रेवाड़ी और धारूहेड़ा के मतदाताओं से अपील की कि वे “झांसे में आने के बजाय बदलाव के लिए मतदान करें” और ऐसी नगर निकाय सरकार चुनें जो जनहित में काम करे।








