अक्षय तृतीया पर सांपला में भव्य जन्मोत्सव, संतों ने बताया—परशुराम का संघर्ष अधर्म के विरुद्ध था, किसी जाति के खिलाफ नहीं
सांपला, 19 अप्रैल – अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर सांपला स्थित बाबा कालीदास धाम परिसर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन भगवान परशुराम सर्वसमाज सेवा दल द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों ने भाग लेकर भगवान परशुराम को नमन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जबकि अध्यक्षता जितेंद्र कुलताना ने की। इस अवसर पर परमहंस संत बाबा कालीदास ने धर्मप्रेमियों को ‘धर्म रक्षक सम्मान पत्र’ देकर सम्मानित किया।
मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए बाबा कालीदास ने भगवान परशुराम के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि परशुराम को केवल ‘क्षत्रिय-विनाशक’ के रूप में प्रस्तुत करना अधूरा और भ्रामक नैरेटिव है, जबकि उनका वास्तविक स्वरूप धर्म और न्याय के अंतिम प्रहरी का है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शास्त्रों में वर्णित ‘निःक्षत्रिय’ का अर्थ किसी जाति का विनाश नहीं, बल्कि अन्यायी और अहंकारी शासकों से पृथ्वी को मुक्त करना है। श्रीमद्भागवत महापुराण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परशुराम का संघर्ष किसी वर्ग विशेष से नहीं, बल्कि अधर्म और सत्ता के दुरुपयोग के विरुद्ध था।
बाबा कालीदास ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब शासक वर्ग अपनी जिम्मेदारी भूलकर प्रजा पर अत्याचार करने लगे, तब परशुराम ने व्यवस्था सुधार की भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यदि परशुराम जातिवादी होते, तो वे भीष्म और द्रोणाचार्य जैसे योद्धाओं को शिक्षा नहीं देते।
उन्होंने यह भी कहा कि परशुराम द्वारा भगवान राम को अपना धनुष सौंपना इस बात का प्रमाण है कि उनका उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना था।
बाबा कालीदास ने कहा कि परशुराम का जीवन त्याग, तपस्या और न्याय का प्रतीक है। उन्होंने पूरी पृथ्वी जीतकर भी उसे अपने लिए नहीं रखा, बल्कि दान कर दिया, जो उनके उच्च आदर्शों को दर्शाता है।
अंत में उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि आज के समय में परशुराम के शस्त्र से अधिक उनकी दृष्टि और सिद्धांतों की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से अपने जीवन में सत्य, न्याय और कर्तव्य को सर्वोच्च मानने का संकल्प लेने की अपील की।
इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, मनिंदरजीत सिंह बिट्टा, विधायक कुलदीप वत्स, उदयभान मलिक, महामंडलेश्वर विद्यास्वरूप, कपिल खत्री, राजसिंह अंबेडकर सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक सामाजिक प्रतिनिधि, सरपंच और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।









