गुरुग्राम, 19 अप्रैल 2026 (भारत सारथी): गुरुग्राम के सेक्टर-9B स्थित Educrest International School में फर्जी मान्यता के नाम पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का बड़ा मामला सामने आया है। Central Board of Secondary Education (CBSE) की कथित फर्जी मान्यता दिखाकर अभिभावकों से फीस वसूलने और बच्चों को गुमराह करने के आरोप में पुलिस ने स्कूल प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया है।
गुजरात से पकड़ी गई प्रिंसिपल
अपराध शाखा मानेसर की टीम ने 18 अप्रैल 2026 को आरोपी प्रिंसिपल रिद्धिमा कटारिया को गुजरात से गिरफ्तार किया। इससे पहले स्कूल के चेयरमैन विनय कटारिया को भी पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-9A थाने में दर्ज शिकायत में एक अभिभावक ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी, जो स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा थी, को बोर्ड परीक्षा का एडमिट कार्ड तक नहीं दिया गया।
जांच में सामने आया कि:
- स्कूल ने खुद को CBSE से मान्यता प्राप्त बताया
- फर्जी संबद्धता नंबर और प्रमाण पत्र दिखाए गए
- छात्रों से विभिन्न मदों में मोटी फीस वसूली गई
- असल में स्कूल CBSE से संबद्ध ही नहीं था
25 छात्रों का भविष्य दांव पर
पूछताछ में चेयरमैन विनय कटारिया ने स्वीकार किया कि स्कूल को केवल 8वीं तक की मान्यता थी, लेकिन लालच में आकर 9वीं और 10वीं में करीब 25 छात्रों का दाखिला ले लिया गया।
इन धाराओं में केस दर्ज
मामले में Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र का केस दर्ज किया गया है।
अन्य आरोपी भी नामजद
मामले में स्कूल के अन्य स्टाफ—वाइस प्रिंसिपल, कोऑर्डिनेटर और अन्य कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस की अपील
गुरुग्राम पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी स्कूल में एडमिशन से पहले उसकी मान्यता और संबद्धता की आधिकारिक जांच अवश्य करें, ताकि बच्चों के भविष्य के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो।
(जांच जारी है, पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है)









