राज्य निर्वाचन आयुक्त देवेंद्र सिंह कल्याण ने सोनीपत व रेवाड़ी में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर दिए उन्हें दिशा-निर्देश
चंडीगढ़, 17 अप्रैल- हरियाणा के राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री देवेंद्र सिंह कल्याण ने नगर परिषदों, नगर समितियों एवं नगर निगमों के आगामी चुनावों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शुक्रवार को राई रेस्ट हाउस में सोनीपत और रेवाड़ी के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर चुनाव तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की और स्पष्ट किया कि आचार संहिता के उल्लंघन पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का महत्वपूर्ण पर्व है और इसकी पवित्रता बनाए रखना प्रशासन, राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों तथा आमजन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर आचार संहिता के प्रावधानों की जानकारी सुनिश्चित करें। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने पर विशेष बल दिया।
आयुक्त ने मतदान को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में आयोजित करने पर जोर देते हुए कहा कि मतदाताओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रत्येक मतदान केंद्र पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं तथा हेल्प डेस्क स्थापित कर मतदाताओं को बूथ संबंधी जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
यूपी बॉर्डर पर विशेष निगरानी रखने के लिए लगाए जाए पुलिस नाके
उन्होंने अंतरराज्यीय सीमाओं, विशेषकर उत्तर प्रदेश से लगते क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। पुलिस नाकों पर 24 घंटे सतर्कता बरती जाए ताकि अवैध शराब, नकदी, उपहार सामग्री या अन्य प्रलोभनों के उपयोग को रोका जा सके।
उम्मीदवारों एवं राजनीतिक दलों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश
राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हुए आयुक्त ने कहा कि जाति, धर्म, भाषा या समुदाय के आधार पर वोट मांगना पूर्णतः प्रतिबंधित है। धार्मिक स्थलों का चुनाव प्रचार के लिए उपयोग करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। रैलियों और सभाओं के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी तथा नॉ-ड्यूज प्रमाण पत्र के लिए सिंगल विंडो प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विरोधियों की आलोचना केवल नीतियों और कार्यों तक सीमित रहे; व्यक्तिगत आरोप या भ्रामक प्रचार से बचना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए रिश्वत देना, डराना-धमकाना या किसी प्रकार का प्रलोभन देना दंडनीय अपराध है। मतदान से 48 घंटे पूर्व सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध रहेगा तथा मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार पूरी तरह निषिद्ध होगा।
निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश दिए कि मतदान दिवस से पूर्व निर्धारित अवधि में शराब की बिक्री, वितरण और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उम्मीदवार अपने समर्थकों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
निजी संपत्ति के उपयोग को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति किसी की संपत्ति पर पोस्टर, बैनर या नारे लिखना प्रतिबंधित है। अन्य दलों की प्रचार सामग्री को नुकसान पहुंचाने पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सभाओं एवं जुलूसों के आयोजन हेतु दिशा-निर्देश
सभा और जुलूस के आयोजन के संबंध में निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस को पूर्व सूचना देना तथा अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। आयोजक यह सुनिश्चित करें कि यातायात बाधित न हो और आमजन को असुविधा न हो। एक ही मार्ग पर एक से अधिक जुलूस की स्थिति में समन्वय के साथ व्यवस्था बनाई जाए और जुलूस में शामिल लोगों पर नियंत्रण रखा जाए। उकसावे, पुतला दहन या अव्यवस्था फैलाने वाले कृत्य पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे।
मतदान दिवस के लिए उन्होंने निर्देश दिए कि उम्मीदवार अपने अधिकृत एजेंटों को पहचान पत्र जारी करें। मतदान केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न हो और शिविरों में किसी प्रकार की प्रचार सामग्री या खान-पान की व्यवस्था न की जाए। केवल वैध पास धारकों को ही मतदान केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी।
सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सख्त निर्देश जारी करते हुए आयुक्त ने कहा कि कोई भी कर्मचारी किसी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के पक्ष में कार्य नहीं करेगा। सरकारी संसाधनों, वाहनों और निधियों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। मंत्रीगण अपने आधिकारिक दौरों को चुनाव प्रचार से नहीं जोड़ेंगे और इस अवधि में नई योजनाओं की घोषणा, शिलान्यास या उद्घाटन नहीं करेंगे। सरकारी संस्थानों द्वारा ऐसे विज्ञापनों के प्रकाशन पर भी रोक रहेगी, जिनसे किसी विशेष दल या उम्मीदवार को लाभ मिल सकता हो।
उन्होंने सभी अधिकारियों को सतर्क एवं सक्रिय रहने के निर्देश देते हुए कहा कि आचार संहिता उल्लंघन की किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाए और सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि भ्रामक प्रचार को रोका जा सके।
इस अवसर पर पुलिस आयुक्त ममता सिंह, उपायुक्त सोनीपत नेहा सिंह, उपायुक्त रेवाड़ी अभिषेक मीणा, राज्य निर्वाचन आयोग हरियाणा के सचिव गौरव कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त रेवाड़ी राहुल मोदी, अतिरिक्त उपायुक्त सोनीपत अजय चौपड़ा सहित दोनों जिलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








