मीना सलोनी के नवीनतम काव्य संग्रह ‘यहीं हूँ मैं’ का लोकार्पण

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लोकार्पण समारोह एवं संगीत संध्या में साहित्य और संगीत का सुंदर संगम

रचनाओं के केंद्र में मानव संवेदनशीलता और जागरूकता

गुरुग्राम, 29 मार्च 2026। सुरुचि परिवार के तत्वावधान में सेक्टर-45 स्थित द एस्टर्स स्कूल में रविवार सायं 3:30 बजे कवयित्री मीना सलोनी के नवीनतम काव्य संग्रह ‘यहीं हूँ मैं’ का भव्य लोकार्पण समारोह एवं संगीत संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य और संगीत का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।

कार्यक्रम की अध्यक्षता दूरदर्शन के पूर्व कार्यक्रम निदेशक डॉ. अमरनाथ अमर ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में आकाशवाणी के पूर्व निदेशक लक्ष्मी शंकर बाजपेयी, वरिष्ठ साहित्यकार नरेश शांडिल्य, सुप्रसिद्ध कवयित्री ममता किरण उपस्थित रहे। समीक्षक के रूप में सविता चड्ढा और कवि त्रिलोक कौशिक ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूर्व कुलपति डॉ. अशोक दिवाकर भी अग्रिम पंक्ति में विराजमान रहे।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसके उपरांत वीणा अग्रवाल ने सरस्वती वंदना की सुमधुर प्रस्तुति देकर वातावरण को आध्यात्मिक रंग से भर दिया। मंच संचालन सुरुचि परिवार के महासचिव मदन साहनी ने प्रभावी ढंग से किया।

अतिथियों के कर-कमलों से मीना सलोनी के तीसरे काव्य संग्रह ‘यहीं हूँ मैं’ का लोकार्पण किया गया। अपने वक्तव्य में कवयित्री ने बताया कि इस पुस्तक में छंदबद्ध एवं छंदमुक्त कविताएँ, गीत और ग़ज़लें शामिल हैं, जिनके केंद्र में मानव के प्रति संवेदनशीलता और जागरूकता है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक उनके भावों, विचारों और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति है।

लक्ष्मी शंकर बाजपेयी ने काव्य संग्रह की सराहना करते हुए कहा कि मीना सलोनी की रचनाओं में व्यंग्य, कटाक्ष, भाषा के नए प्रयोग और प्रभावशाली कहन शैली स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। वहीं त्रिलोक कौशिक ने पुस्तक की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए इसे परिपक्व सृजन बताया। सविता चड्ढा ने कहा कि संवेदनशीलता और विचारशीलता जब कवि के मन को झकझोरती हैं, तभी ऐसे सशक्त काव्य का जन्म होता है।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में आयोजित संगीत संध्या ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। सारेगामा से सम्मानित कलाकार सौरव षाडंगी ने वसंत अष्टपदी का गायन करते हुए कहा कि संगीत प्रभु को रिझाने का सबसे सहज माध्यम है। उन्होंने ‘सैंया, जब शाम ढले तब आना’ और ‘एक राधा एक मीरा’ जैसी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

इसके अतिरिक्त मानव शर्मा के शास्त्रीय गायन ने भी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। सारंगी पर कमाल अहमद, तबले पर सतीश कुमार और हारमोनियम पर मिथिलेश की संगत ने प्रस्तुति को और भी उत्कृष्ट बना दिया।

इस अवसर पर जनरल सरीन, कर्नल कुँवर प्रताप, ओम प्रकाश कथूरिया, पवन शर्मा, सतीश सिंगला, अनिल आर्य, दीपशिखा श्रीवास्तव, नीरज श्रीवास्तव, रेणु मिश्रा, सविता स्याल, राजेंद्र निगम राज, इंदु राज निगम, कुमकुम कपूर, राजेश्वर वशिष्ठ सहित अनेक साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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