नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को पढ़ना होगा एक अतिरिक्त अनिवार्य विषय
बोर्ड प्रकाशित करवाने जा रहा है स्मार्ट पाठ्यपुस्तक, क्यूआर कोड को स्कैन करके विषय को विस्तार से समझ सकेंगे विद्यार्थी
चंडीगढ़,18 मार्च — हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत त्रि-भाषाई सूत्र लागू करने का निर्णय लिया है। इसके अनुसार कक्षा 9वीं व 10वीं के विद्यार्थियों को हिन्दी व अंग्रेजी के अलावा एक अन्य भाषा पढ़नी होगी, जिसमें संस्कृत/उर्दू/पंजाबी में से किसी एक भाषा को अनिवार्य भाषा के रूप में चयन करना आवश्यक होगा।
इस आशय की विस्तृत जानकारी देते हुए बोर्ड अध्यक्ष डॉ० पवन कुमार ने बताया कि इस निर्णय से विद्यार्थियों के भाषाई कौशल में सुधार होगा और बहुभाषिक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत अब विद्यार्थियों को कुल सात विषयों का अध्ययन करना होगा, जिनमें छ: अनिवार्य एवं एक वैकल्पिक विषय होगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर हरियाणा के विद्यार्थी वैकल्पिक भाषा पढ़ेंगे तो इससे रोजगार के अवसर अन्य प्रदेशों में भी बढ़ेंगे, दूसरे प्रदेशों से अच्छा समन्वय भी स्थापित होगा और प्रदेश में शिक्षा का स्तर भी ऊंचा होगा।
उन्होंने बताया कि त्रि-भाषाई सूत्र लागू होने से विद्यार्थियों को कुल छ: अनिवार्य विषयों एवं एक वैकल्पिक विषय सहित कुल सात विषयों का अध्ययन करना होगा और छ: विषयों को पास करने की बाध्यता रहेगी। ऐसे में वर्तमान में प्रचलित बेस्ट फाइव फॉर्मूले के स्थान पर बेस्ट सिक्स फॉर्मूला लागू किया जाएगा। त्रि-भाषाई सूत्र हरियाणा मुक्त विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए भी लागू रहेगा।
उन्होंने आगे बताया कि शारीरिक रूप से अक्षम विद्यार्थियों को वर्तमान में विषय प्रणाली अनुसार अनिवार्य दो भाषाओं में से किसी एक भाषा के चयन में छूट रहेगी। अक्षम विद्यार्थियों के लिए स्थापित विशेष विद्यालयों में इंडियन साइन लैंग्वेज (ISL) पहले से ही काफी सहयोगी व उपयोगी रही है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड देश का पहला ऐसा बोर्ड होगा जो अक्षम विद्यार्थियों के लिए पठन-पाठन में सांकेतिक भाषा अलग से एक विषय के तौर पर लागू करने जा रहा है।
बोर्ड अध्यक्ष डॉ० पवन कुमार ने आगे बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अब स्मार्ट पाठ्य पुस्तक प्रकाशित करवाने जा रहा है, जिसमें हर पाठ्य पुस्तक के साथ प्रकाशित क्यूआर कोड को स्कैन करके विद्यार्थी विषय को विस्तार से समझ सकेंगे। क्यूआर कोड को स्कैन करते ही विद्यार्थी के मोबाइल पर संबंधित पाठ का लेक्चर वीडियो चल जाएगा।







