सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए जिला नागरिक अस्पताल से एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू

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सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर की अध्यक्षता में नागरिक अस्पताल में हुआ कार्यक्रम

टीकाकरण अभियान के तहत 14 वर्ष की किशोरियां लक्ष्य, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता के लिए विशेष अभियान आज से हुआ शुरू

नागरिक अस्पताल व विभिन्न सीएचसी में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का हुआ सीधा प्रसारण

गुरुग्राम, 28 फरवरी। बेटियों में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए समर्पित राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान का शनिवार को गुरुग्राम में भी शुभारंभ हुआ। सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर की अध्यक्षता में सेक्टर 10 स्थित नागरिक अस्पताल में जिला स्तरीय एचपीवी टीकाकरण शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान के अजमेर से ह्यूमन पैपिलोमा वैक्सीन (एचपीवी) टीकाकरण अभियान के राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा गया।

इस अवसर पर जिला में अभियान के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ जयप्रकाश राजलीवाल, डा. प्रदीप, डा. नीरज यादव डीएमएस व डा. सुशीला यादव एसएमओ भी मौजूद रहे।

इसलिए जरूरी है एचपीवी टीकाकरण अभियान

सिविल सर्जन डॉ लोकवीर ने जानकारी देते हुए बताया कि डीसी अजय कुमार के मार्गदर्शन में गुरुग्राम जिला में आज से यह अभियान शुरू हो गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करना है, जो भारत में महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है। ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) इसके प्रमुख कारणों में से एक है, विशेषकर इसके 16 और 18 प्रकार सर्वाधिक खतरनाक माने जाते हैं। सरकार द्वारा 6, 11, 16 और 18 प्रकारों से सुरक्षा प्रदान करने वाली वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया किे यह टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक होगा और निःशुल्क उपलब्ध रहेगा। अभियान में लक्ष्य समूह मुख्यतः 14 वर्ष की किशोरियां हैं।

उन्होंने बताया कि आज से जिले में पहले चरण के तहत प्राप्त डोज का ब्लॉक स्तर पर भी वितरण किया जा रहा है। आज के दिन जिला में निर्धारित लक्ष्य के तहत लगभग 50 बालिकाओं के टीकाकरण किया गया। हालांकि विभिन्न स्थानों पर पात्र बालिकाओं की संख्या अधिक होने पर सभी को टीका लगाया गया।

स्कूलों के माध्यम से भी लगाए जाएंगे विशेष कैंप

सिविल सर्जन ने बताया कि यह 0.5 मिली की सिंगल डोज होगी, जो बाएं हाथ में इंट्रामस्कुलर (मांसपेशी में) दी जाएगी।
प्रारंभिक चरण के तहत टीकाकरण जिला अस्पताल, उपमंडल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास रहेगा कि स्कूलों के माध्यम से भी पात्र छात्राओं को लाकर टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा और विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। जिला में इस अभियान की मॉनिटरिंग और लाभार्थियों की ट्रैकिंग यू विन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके।

सिविल सर्जन की अभिभावकों से अपील

सिविल सर्जन ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को टीकाकरण के बाद कम से कम आधा घंटा स्वास्थ्य केंद्र पर अवश्य रुकवाएं, ताकि किसी भी संभावित प्रतिक्रिया की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता दी जा सके। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए आशा वर्करों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान बेटियों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और अधिक से अधिक पात्र किशोरियों को इसका लाभ दिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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Author: Bharat Sarathi

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