AIDYO का गुड़गांव में तीसरे दिन भी हस्ताक्षर अभियान जारी

गुड़गांव, 20 फरवरी 2026। प्रदेश में बढ़ती बेरोज़गारी, भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक, सरकारी विभागों में लाखों रिक्त पदों, ठेकेदारी प्रथा और निजीकरण की नीतियों के खिलाफ ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (AIDYO) हरियाणा ने 22 फरवरी 2026 को प्रातः 11:30 बजे मानसरोवर पार्क, रोहतक में “युवा विरोध प्रदर्शन” आयोजित करने की घोषणा की है। कार्यक्रम की तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं और प्रदेशभर में युवाओं को जोड़ने का अभियान जारी है।
इसी क्रम में 20 फरवरी को गुड़गांव शहर में लगातार तीसरे दिन व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। यह अभियान सेक्टर-9 कॉलेज, द्रोणाचार्य कॉलेज, सेक्टर-14 कॉलेज, आईटीआई तथा सेक्टर-14 के विभिन्न कोचिंग सेंटरों में आयोजित किया गया। अभियान का नेतृत्व संगठन के राज्य संयोजक बलवान सिंह और जिला गुड़गांव उपाध्यक्ष वजीर सिंह ने किया।
अभियान के दौरान सैकड़ों विद्यार्थियों और युवाओं ने हस्ताक्षर कर 22 फरवरी को रोहतक में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का संकल्प लिया। छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक, भर्तियों के रद्द होने, आयु सीमा की समस्याओं और आवेदन शुल्क के बढ़ते बोझ को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि हरियाणा बेरोज़गारी दर में शीर्ष राज्यों में शामिल है। सरकारी विभागों में लाखों पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा। युवाओं से रोजगार के बड़े-बड़े वादे किए गए, परंतु स्थायी नौकरियों को समाप्त कर ठेकेदारी और निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे युवा वर्ग मानसिक तनाव, आर्थिक संकट और भविष्य की असुरक्षा से जूझ रहा है।
AIDYO ने अपनी प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा कि—
- केंद्र व राज्य सरकार के अधीन सभी रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए।
- परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी व सरकारी नियंत्रण में हो।
- नॉर्मलाइजेशन प्रणाली समाप्त की जाए।
- प्रतियोगी परीक्षाओं की आयु सीमा में 5 वर्ष की वृद्धि की जाए।
- आवेदन शुल्क समाप्त कर परीक्षा हेतु निःशुल्क यात्रा सुविधा दी जाए।
- ठेकेदारी प्रथा खत्म कर सभी पद स्थायी किए जाएं।
- स्कीम वर्करों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम वेतन व सामाजिक सुरक्षा मिले।
- रोजगार मिलने तक सम्मानजनक बेरोज़गारी भत्ता दिया जाए।
- सरकारी उपक्रमों के निजीकरण की नीति रद्द की जाए।
- अग्निवीर योजना समाप्त कर रोजगार को मौलिक अधिकार घोषित किया जाए।
संगठन ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण रहेगा। उनका कहना है कि 22 फरवरी को रोहतक में होने वाला कार्यक्रम बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं की एक मजबूत जनआवाज़ बनेगा।
अंत में संगठन ने प्रदेश के युवाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों और जनसंगठनों से अपील की है कि वे 22 फरवरी 2026 को प्रातः 11:30 बजे मानसरोवर पार्क, रोहतक पहुंचकर इस विरोध प्रदर्शन को सफल बनाएं।


