सार्वजनिक सड़क या शो-रूम की निजी पार्किंग? प्रशासन दे जवाब
अवैध पार्किंग व अतिक्रमण से त्रस्त गुरुग्राम, सख्त अभियान की मांग
कमला नेहरू पार्क व ट्रंक मार्केट क्षेत्र में जाम पर तुरंत हो स्थायी समाधान
गुरुग्राम। शहर के व्यस्ततम मार्ग अग्रवाल धर्मशाला चौक से सिद्धेश्वर मंदिर चौक तक प्रतिदिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम को लेकर समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने गहरी चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर बड़े-बड़े शो-रूम संचालकों द्वारा सड़क के बाहर वाहनों की अवैध पार्किंग करवाई जा रही है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई प्रतिष्ठानों ने तो विशेष गार्ड तक तैनात कर रखे हैं, जो सार्वजनिक सड़क को निजी पार्किंग की तरह उपयोग करने देते हैं।
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने सवाल उठाया कि क्या यह सड़क केवल रसूखदार शो-रूम मालिकों के लिए है? जबकि निकट स्थित सिविल हॉस्पिटल का पार्किंग स्थल उपलब्ध है, तो वहां वाहनों को पार्क क्यों नहीं किया जाता?
उन्होंने कहा कि प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई न होने से आम नागरिकों में रोष व्याप्त है। ट्रैफिक जाम के कारण लोगों का कीमती समय, ईंधन और धन व्यर्थ हो रहा है, साथ ही आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
इसके अतिरिक्त कमला नेहरू पार्क और ट्रंक मार्केट क्षेत्र के आसपास अवैध फल रेहड़ियों और अस्थायी खोखों के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है। प्रशासन द्वारा हाल ही में सोहना चौक रोड पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, तो उसी प्रकार की सख्ती गुरुद्वारा रोड पर क्यों नहीं की जा रही—यह भी एक बड़ा प्रश्न है।
उन्होंने यह भी बताया कि ट्रंक मार्केट के बाहर एक मोबाइल खोखा फोर-व्हीलर पर संचालित किया जा रहा है, जो कार्रवाई की सूचना मिलते ही हट जाता है और बाद में पुनः वहीं स्थापित हो जाता है। ऐसे अतिक्रमणकारियों पर स्थायी और कठोर कार्रवाई आवश्यक है।
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने जिला प्रशासन, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस से मांग की है कि—
- सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए।
- शो-रूम संचालकों को अपनी निजी पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएं।
- रेहड़ी-पटरी व अस्थायी खोखों के लिए निर्धारित स्थल तय कर नियमित निरीक्षण किया जाए।
- आम जनता को जाम से राहत दिलाने हेतु निरंतर निगरानी अभियान चलाया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो नागरिकों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण जन-आंदोलन किया जाएगा।








