जॉब सिक्योरिटी बिल में देरी से विवि अनुबंधित शिक्षक चिंतित, समयबद्ध सूचना उपलब्ध कराने की उठाई मांग
दो माह बाद भी लंबित सूचना विभाग को नहीं मिली, हुकटा ने जताई चिंता
पंचकुला, 6 फ़रवरी 2026: हरियाणा यूनिवर्सिटीज़ कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने पंचकुला में बीजेपी प्रवक्ता एवं पूर्व चेयरमैन कृष्ण ढुल से मुलाकात कर विश्वविद्यालयों में कार्यरत 1400 अनुबंधित शिक्षकों के लिए बजट सत्र में जॉब सिक्योरिटी बिल प्रस्तुत किए जाने हेतु तत्काल लंबित सूचना समयबद्ध उपलब्ध करवाने की मांग की।
कृष्ण ढुल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि संबंधित विभागों के अधीन विश्वविद्यालयों से जॉब सिक्योरिटी से जुड़ी सूचना प्रक्रिया को अधिकारियों के माध्यम से तत्काल एवं समयबद्ध रूप से पूरा करवाया जाएगा। मैं खुद माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलकर आपकी उचित व जायज मांग की पैरवी करूंगा करूंगा और उन्होंने कहा कि जहां भी कोई अड़चन आए, प्रतिनिधिमंडल तुरंत उनसे संपर्क करे, ताकि संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
हुकटा के प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे डॉ विजय मलिक व डॉ डॉ अमित मलिक ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी, कौशल,आयुष, खेल, स्वास्थ्य सहित संबंधित विभागों के अधीन आने वाले 6 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से आवश्यक सूचना उच्चतर शिक्षा विभाग की ईमेल पर तत्काल भिजवाने के लिए अनुरोध किया गया, ताकि बजट सत्र में विधेयक को सदन के पटल पर रखा जा सके।
हुकटा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय मलिक ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा 9 दिसंबर 2025 को शिक्षा विभाग के अतिरिक्त छह विभागों के अधीन छह विश्वविद्यालयों – श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय पलवल, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार, लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार, हरियाणा खेल विश्वविद्यालय राई, पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रोहतक तथा श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय कुरुक्षेत्र से निर्धारित प्रारूप में सूचना मांगी गई थी, लेकिन लगभग 2 महीने बीतने के बावजूद भी सूचना उच्चतर शिक्षा विभाग को प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि सूचना में देरी से सेवा-सुरक्षा विधेयक की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और यह अनुबंधित शिक्षकों के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अधिकांश अनुबंधित शिक्षक लंबे समय से सेवा सुरक्षा की प्रतीक्षा करते हुए नियमित भर्ती के लिए आयु-सीमा पार कर चुके हैं या सेवानिवृत्ति के निकट पहुंच चुके हैं।







