विधायक का ‘स्मार्ट बाजार’ जुमला, जनता और व्यापारियों से खुली ठगी: मुकेश डागर कोच

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गुरुग्राम। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुकेश डागर कोच ने गुरुग्राम विधायक के “स्मार्ट बाजार” दावे पर करारा हमला बोलते हुए कहा है कि यह कोई विकास योजना नहीं बल्कि जनता और व्यापारियों को गुमराह करने वाला राजनीतिक जुमला है। उन्होंने कहा कि विधायक मंचों से स्मार्ट बाजार की डींगें हांकते हैं और मुख्यमंत्री की कथित मंजूरी का हवाला देते हैं, जबकि ज़मीनी स्तर पर हालात बद से बदतर हैं।

मुकेश डागर कोच ने तीखे शब्दों में कहा कि जब पूरा गुरुग्राम स्मार्ट सिटी बनने में फेल हो चुका है, तो बाजारों को स्मार्ट बनाने की बातें सिर्फ हवा-हवाई हैं। यह न विकास का रोडमैप है और न ही कोई ठोस योजना, बल्कि जनता की आंखों में धूल झोंकने की साजिश है।

उन्होंने विधायक को खुली चुनौती देते हुए कहा कि पहले यह बताया जाए कि देश के किस शहर में स्मार्ट बाजार बन गया है? और उसकी परिभाषा क्या है। डागर ने कहा कि विकसित देशों में भी स्मार्ट बाजार आज तक प्रयोग के दौर से बाहर नहीं निकल पाए हैं, फिर भारत जैसे विकासशील देश में इसकी आड़ में झूठा प्रचार करना सरासर बेईमानी है।

कांग्रेस नेता ने बाजारों की बदहाली गिनाते हुए कहा कि गुरुग्राम के पारंपरिक बाजारों में
न जगह है, न पार्किंग, न फुटपाथ, न शौचालय, न रेस्ट रूम, न हरियाली।
न कैशलेस सिस्टम है, न स्किल्ड स्टाफ, न दुकानों का कोई मानक।
इन हालात में स्मार्ट बाजार की बात करना हकीकत का मजाक उड़ाने जैसा है।

मुकेश डागर कोच ने कहा कि असलियत यह है कि विधायक को बाजारों की बुनियादी समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें सफाई व्यवस्था सुधारने, जीएसटी की अव्यवस्थाओं पर बोलने, इंस्पेक्टर राज खत्म करने और व्यापारियों को भयमुक्त माहौल देने की न तो इच्छाशक्ति है और न ही राजनीतिक ईमानदारी।

उन्होंने दो टूक कहा कि विधायक को चाहिए कि वे खोखले नारों और जुमलों की राजनीति छोड़ें और जमीन पर उतरकर व्यापारियों को मूलभूत सुविधाएं दिलाएं। स्मार्ट बाजार के सपने दिखाकर जनता को ठगने का खेल अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाला है।

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Author: Bharat Sarathi

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