एमडीयू रोहतक की छात्राओं ने गुरुकुल कुरुक्षेत्र व प्राकृतिक फार्म का किया शैक्षिक भ्रमण
कुरुक्षेत्र, (प्रमोद कौशिक) | 01 फरवरी – महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के बॉटनी विभाग एवं ईएसएम सेल के संयुक्त तत्वावधान में वनस्पति विज्ञान की 30 छात्राओं ने गुरुकुल कुरुक्षेत्र का शैक्षिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं को प्राकृतिक खेती के विभिन्न आयामों से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने गुरुकुल की अत्याधुनिक गोशाला, गोबर गैस प्लांट, जीवानमृत व घनजीवानमृत निर्माण केंद्र, गुरुकुल शिक्षा पद्धति तथा नेचुरोपैथी से संबंधित गतिविधियों को नजदीक से देखा और समझा।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा डॉ. विनीता हुड्डा के निर्देशन में संचालित सर्टिफिकेट कोर्स इन नेचुरल फार्मिंग के सफल समापन पर गुजरात एवं महाराष्ट्र के राज्यपाल तथा देशभर में प्राकृतिक खेती को नई पहचान दिलाने वाले कृषि-ऋषि आचार्य देवव्रत ने छात्राओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए।
प्रमाण-पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि जहरमुक्त प्राकृतिक खेती देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सपना है, और कृषि से जुड़े विषयों का अध्ययन कर रही युवा पीढ़ी भविष्य में इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि देश की बेटियों ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता को सिद्ध किया है। आज चाहे युद्ध का मैदान हो या अंतरिक्ष, सत्ता के गलियारे हों या नौकरशाही, खेल का मैदान हो या बड़े उद्योग—हर क्षेत्र में बेटियों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। आज बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं।
प्राकृतिक खेती पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस पद्धति से उत्पादन अधिक और लागत कम होती है, जिससे किसान की आय में वृद्धि होती है। साथ ही प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वराशक्ति, पर्यावरण संतुलन और देशी गाय का संरक्षण भी सुनिश्चित होता है।
कार्यक्रम में एमडीयू बॉटनी विभाग की अध्यक्षा डॉ. अनिता रानी सेहरावत ने महामहिम राज्यपाल का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विख्यात समाजसेवी एवं छात्र नेता डॉ. सम्पूर्ण सिंह, गुरुकुल के व्यवस्थापक रामनिवास आर्य, फार्म मैनेजर गगनदीप सिंह, राजेश कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।







