निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने पीईएमएसआरए अधिनियम 2013 व केंद्र सरकार की एसओपी के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने की दी हिदायत
गुरुग्राम, 29 जनवरी। नगर निगम गुरुग्राम में कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निगमायुक्त प्रदीप दहिया द्वारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि सीवर एवं सीवरेज से जुड़े सभी कार्य निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में मानवीय जीवन को जोखिम में डालकर कार्य नहीं कराया जाएगा और सभी कार्य विधिवत प्रक्रिया के तहत ही संपन्न होंगे।
जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मशीनों और आधुनिक उपकरणों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। मैन्युअल एंट्री को पूरी तरह प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है और केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में, निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ही इसकी अनुमति दी जा सकती है। ऐसे मामलों में गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम, सेफ्टी हार्नेस, हेलमेट, दस्ताने और अन्य सुरक्षात्मक उपकरणों का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
आदेशों में यह भी कहा कि कर्मचारियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है, ताकि वे आपात स्थितियों से निपटने, विषैली गैसों की पहचान करने और सुरक्षा उपकरणों के सही उपयोग की जानकारी रखते हों। इसके साथ ही कार्यस्थल पर प्राथमिक उपचार (फस्र्ट एड) की सुविधा और आपातकालीन रेस्क्यू व्यवस्था उपलब्ध कराना भी अनिवार्य किया गया है।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित एजेंसियां और ठेकेदार कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा, बीमा कवर, नियमित स्वास्थ्य जांच और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निगमायुक्त ने बताया कि नगर निगम गुरुग्राम द्वारा सीवरमैन के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इसी कड़ी में शुक्रवार, 30 जनवरी को एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कर्मचारियों को सुरक्षित कार्यप्रणाली, उपकरणों के सही उपयोग और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के तरीकों की जानकारी देना है। नगर निगम द्वारा सीवरमैन को सुरक्षा उपकरण, जैकेट और अन्य आवश्यक सुरक्षात्मक सामग्री उपलब्ध कराई गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरण के जोखिम पूर्ण कार्य न करे। इन सभी उपायों का उद्देश्य सफाई कर्मचारियों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनकी गरिमा की रक्षा करना है। भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण और सुरक्षा उपायों को निरंतर जारी रखा जाएगा।







