गुरुग्राम में सिंगल यूज़ प्लास्टिक और प्रदूषण पर होगा कड़ा एक्शन, सिटी लेवल टास्क फोर्स की हुई अहम बैठक

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नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में निगरानी, कार्रवाई और प्लास्टिक प्रबंधन ढांचे को मजबूत करने के लिए गए निर्णय

गुरुग्राम, 28 जनवरी। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में सिटी लेवल टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर रोक, खुले में कचरा जलाने की घटनाओं पर नियंत्रण तथा ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव सहित विभिन्न नगर निकायों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस के अधिकारियों ने भाग लिया।

सहायक स्वच्छता निरीक्षकों की आवश्यकता पर चर्चा

बैठक में नगर परिषद पटौदी जाटौली मंडी, नगर परिषद सोहना और नगर पालिका फर्रुखनगर में सहायक स्वच्छता निरीक्षकों की आवश्यकता का आकलन कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि जमीनी जरूरतों के आधार पर स्टाफ की मांग भेजी जाए, ताकि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।

बैंक्वेट हॉल और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विशेष अभियान

शहर में प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख स्थलों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और कार्रवाई का निर्णय लिया गया। इसके तहत बैंक्वेट हॉल्स में विशेष जांच अभियान चलेंगे, प्रदूषण हॉटस्पॉट क्षेत्रों की दैनिक मॉनिटरिंग की जाएगी, खुले में कचरा जलाने वाले स्थानों की पहचान कर सख्त कार्रवाई होगी। इन अभियानों में नगर निगम गुरुग्राम व मानेसर, नगर परिषद पटौदी जाटौली मंडी व सोहना, नगर पालिका फर्रुखनगर तथा जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी की संयुक्त भागीदारी रहेगी।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्ती और चालान

बैठक में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग, भंडारण और बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान किए जाएंगे, जागरूकता के लिए व्यापक आईईसी गतिविधियां चलाई जाएंगी, अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इन्फोर्समेंट और जागरूकता दोनों साथ-साथ चलें, ताकि स्थायी बदलाव लाया जा सके। बैठक में निर्देश दिए गए कि नगर निगम स्तर पर प्रतिमाह 10 जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे, जबकि नगर परिषद स्तर पर 4 और नगर पालिका स्तर पर 2 कार्यक्रम होंगे। बैठक में चालान कार्रवाई तेज करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही अगली बैठक में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

ग्रामीण क्षेत्रों में वेस्ट मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

ग्रामीण इलाकों में भी प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन को मजबूत करने के लिए एमआरएफ सेंटर स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने तथा ब्लॉक स्तर पर श्रेडर मशीन लगाने का प्रस्ताव रखा गया। यह जिम्मेदारी जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, गुरुग्राम को सौंपी गई है।

पुलिस की भूमिका भी होगी अहम

सिंगल यूज प्लास्टिक की अवैध ढुलाई रोकने के लिए गुरुग्राम पुलिस को विशेष निगरानी और कार्रवाई के लिए कहा गया है। परिवहन स्तर पर रोक लगाने से बाजार तक प्लास्टिक पहुंचने की श्रृंखला तोड़ने पर जोर दिया गया।

प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स पर जोर

बैठक में जिले में संचालित प्लास्टिक रीसाइक्लिंग इकाइयों, कम्पोस्टेबल प्लास्टिक के लिए औद्योगिक कम्पोस्टिंग यूनिट्स, वेस्ट टू ऑयल यूनिट्स का डेटा संकलित करने और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाने पर बल दिया गया।

सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई

यह टास्क फोर्स पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देशों के तहत गठित ढांचे के अनुसार कार्य कर रही है, जिसका उद्देश्य प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन और सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उन्मूलन है। गुरुग्राम में अब सिंगल यूज़ प्लास्टिक, खुले में कचरा जलाने और अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया जाएगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जागरूकता के साथ-साथ दंडात्मक कार्रवाई भी तेज होगी, ताकि शहर और ग्रामीण क्षेत्र दोनों प्रदूषण मुक्त बन सकें।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि गुरुग्राम में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ अभियान को और सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को एनफोर्समेंट कार्रवाई के साथ व्यापक जन जागरूकता चलाने के निर्देश दिए, ताकि नागरिक भी इसमें भागीदारी करें। खुले में कचरा जलाने, प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के नियमित चालान किए जाएंगे। हॉटस्पॉट क्षेत्रों की दैनिक मॉनिटरिंग और बैंक्वेट हॉल सहित बड़े आयोजनों में विशेष निरीक्षण भी होगा। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन मजबूत करने के लिए एमआरएफ सेंटर, श्रेडर मशीन और एजेंसियों के बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है, ताकि गुरुग्राम को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।

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Author: Bharat Sarathi

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