कुरुक्षेत्र की धरा बनेगी दलित उत्थान और सामाजिक समरसता की साक्षी

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31 जनवरी को उमरी में श्रद्धा से मनाई जाएगी संत रविदास जयंती, प्रदेश स्तरीय समारोह

मुख्यमंत्री नायब सैनी व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल करेंगे शिरकत

कुरुक्षेत्र (प्रमोद कौशिक), 24 जनवरी। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र एक बार फिर दलित वर्ग के उत्थान और सामाजिक समरसता की मिसाल बनने जा रही है। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती के अवसर पर 31 जनवरी को उमरी में प्रदेश स्तरीय समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

प्रदेश स्तरीय समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के मुख्य मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया ने पत्रकारों को समारोह की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संत रविदास जयंती को लेकर दलित समाज में भारी उत्साह है और 31 जनवरी को प्रदेश के कोने-कोने के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग उमरी पहुंचेंगे।

सुदेश कटारिया ने कहा कि वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान ‘हमारा संविधान–हमारा स्वाभिमान’ समारोह में दलित समाज ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को संकल्प लोटा भेंट कर भाजपा को तीसरी बार सत्ता में लाने का संकल्प लिया था। भाजपा की तीसरी बार सरकार बनने में दलित समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल द्वारा दलित उत्थान के लिए दिए गए अंत्योदय उत्थान के मूल मंत्र को सरकार निरंतर आगे बढ़ा रही है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संत रविदास जयंती केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समानता, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के विचार को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। समारोह में दलित समाज के सभी संगठनों के साथ-साथ हमारा संविधान–हमारा स्वाभिमान जनचेतना ट्रस्ट की विशेष सहभागिता रहेगी।

जनसंपर्क अभियान के तहत घर-घर दिया जा रहा न्योता

सुदेश कटारिया ने बताया कि राज्य स्तरीय समारोह को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। जनचेतना ट्रस्ट के पदाधिकारी प्रदेश के हर जिले, उपमंडल और गांव में पहुंचकर दलित समाज के लोगों को व्यक्तिगत रूप से समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दे रहे हैं।

उमरी में बनेगा संत रविदास संग्रहालय और भव्य मंदिर

उन्होंने कहा कि दलित समाज की वर्षों पुरानी मांग थी कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का भव्य मंदिर और संग्रहालय बनाया जाए। बतौर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस मांग को स्वीकार करते हुए उमरी में विश्वस्तरीय संत रविदास संग्रहालय एवं मंदिर के निर्माण की घोषणा की थी और इसके लिए भूमि भी उपलब्ध करवाई गई। उसी स्थल पर संत रविदास जी की शिक्षाओं को आत्मसात करने और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया जाएगा।

संत रविदास जी की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक

सुदेश कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार ‘संत-महापुरुष विचार प्रसार एवं सम्मान योजना’ के तहत संत-महापुरुषों की शिक्षाओं को समाज तक पहुंचाने के लिए लगातार जयंती व स्मृति समारोह आयोजित कर रही है। संत रविदास जी की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। उनका जीवन संघर्ष, समानता और मानव गरिमा का प्रतीक है।
प्रदेश सरकार का उद्देश्य इस जयंती के माध्यम से जातीय भेदभाव से ऊपर उठकर सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता को मजबूत करना है। यह समारोह सामाजिक न्याय और विकास की साझा यात्रा का प्रतीक बनेगा।

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Author: Bharat Sarathi

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