
गुरुग्राम | 24 जनवरी 2026 – मात्र चंद मिनटों की हल्की बारिश ने गुरुग्राम में सरकार के तथाकथित विकास मॉडल की पोल खोलकर रख दी। समाजसेवी एवं इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने शहर में जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और टूटी सड़कों को लेकर सरकार, शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने बसंत पंचमी एवं गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देने के बाद कहा कि “10 मिनट की बारिश ने ट्रिपल नहीं, बल्कि पांच इंजन सरकार के विकास को सड़कों पर बहते हुए दिखा दिया।” करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गुरुग्राम आज भी गटर, गंदगी और जलभराव से जूझ रहा है।

गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि नई सरकार को बने 1 साल 3 महीने हो चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस हैं। सीवर सफाई, सड़क मरम्मत और स्वच्छता के नाम पर सिर्फ कागज़ी कार्रवाई और फोटो सेशन हो रहे हैं। ज़मीनी हकीकत यह है कि गुरुग्रामवासी आज भी गटर के पानी में चलने को मजबूर हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि गुरुग्राम में छह बार से एक ही सांसद, तीसरी बार भाजपा सरकार और हर बार बड़े-बड़े दावे—फिर भी शहर के लिए कोई ठोस मास्टर प्लान नजर नहीं आता।
मुख्यमंत्री के बार-बार गुरुग्राम आने पर भी उन्होंने सवाल उठाया कि अगर हालात इतने बेहतर हैं तो मुख्यमंत्री रेस्ट हाउस से बाहर निकलकर कॉलोनियों में क्यों नहीं जाते?
हल्की बारिश में ही गुरुग्राम बेहाल
इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने बताया कि आज की मामूली बारिश में ही शहर के कई इलाकों में भीषण जलभराव देखने को मिला—

- गलियों में घुटनों तक पानी
- सीवर का गंदा पानी सड़कों पर ओवरफ्लो
- न्यू कॉलोनी रोड पर जगह-जगह गड्ढे
- न्यू कॉलोनी मेयर ऑफिस के सामने कूड़े का ढेर
- कॉलोनी मोड़ पार्क के साथ वाली सड़क टूटी
- कॉलोनी मोड़ से न्यू कॉलोनी जाने वाली सड़क खस्ता
- न्यू कॉलोनी मोड़ से पटौदी चौक रोड पूरी तरह जर्जर
- पटौदी रोड, बसई रोड और गढ़ी रोड की हालत बदतर
उन्होंने कहा कि “सांसद से लेकर पार्षद तक सब फेल साबित हुए हैं।” वार्ड पार्षद 32, न्यू कॉलोनी RWA के पदाधिकारी और जिम्मेदार अधिकारी आखिर कर क्या रहे हैं? अगर काम नहीं हो रहा तो कुर्सी पर बने रहने का नैतिक अधिकार भी नहीं है।
कब मिलेगा गुरुग्राम को राहत?

गुरिंदरजीत सिंह ने सवाल उठाया कि—
- कब गुरुग्राम साफ-सुथरा बनेगा?
- कब सीवर ओवरफ्लो से मुक्ति मिलेगी?
- कब सड़कें गड्ढामुक्त होंगी?
- कब पार्क और ग्रीन बेल्ट अवैध कब्जों से मुक्त होंगे?
अंत में उन्होंने मांग की कि सरकार जुमलेबाज़ी और कागज़ी विकास छोड़कर ज़मीनी स्तर पर ईमानदार और ठोस काम करे, ताकि गुरुग्राम के नागरिकों को सच में राहत मिल सके।







