हरियाणा बीजेपी सरकार युवाओं के लिए घोषणाएं या लॉलीपॉप : गुरिंदरजीत सिंह

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हरियाणा बीजेपी सरकार की युवा नीति: घोषणाएं हकीकत या सिर्फ लॉलीपॉप? — गुरिंदरजीत सिंह

राष्ट्रीय युवा दिवस पर सवाल: क्या हरियाणा सरकार ने युवाओं की दशा-दिशा बदली? — गुरिंदरजीत सिंह

बेरोजगारी, नशा और अपराध की गिरफ्त में हरियाणा का युवा, कौन जिम्मेदार? — गुरिंदरजीत सिंह

स्वामी विवेकानंद के सपनों का युवा कहां है? हरियाणा सरकार पर उठे गंभीर सवाल — गुरिंदरजीत सिंह

गुरुग्राम। राष्ट्रीय युवा दिवस (12.01.2025) के अवसर पर गुरुग्राम के समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने हरियाणा सरकार की युवा नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल समारोह मनाने से युवाओं की दशा और दिशा नहीं सुधरती, इसके लिए ज़मीनी स्तर पर ठोस नीतियों का लागू होना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि देश में हर वर्ष 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई जाती है, लेकिन यह आत्ममंथन का विषय है कि क्या सरकार वास्तव में स्वामी विवेकानंद के विचारों के अनुरूप युवाओं के लिए कार्य कर रही है या यह दिवस केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।

गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के मार्गदर्शक थे। उनका मंत्र “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए” आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की भावना पर ज़ोर दिया था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में हरियाणा का युवा बेरोजगारी, नशा और हताशा से जूझ रहा है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में बेरोजगारी चरम पर है, और गुरुग्राम जैसे महानगर में युवाओं के बीच शराब, मेडिकल नशा, अपराध और गलत आदतें तेजी से बढ़ रही हैं। जगह-जगह शराब के ठेके खुलने से युवा पीढ़ी बर्बादी की ओर जा रही है, जबकि नशे पर रोक लगाने में हरियाणा सरकार पूरी तरह विफल नजर आ रही है।

इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह ने कहा कि हरियाणा बीजेपी सरकार युवाओं के लिए केवल घोषणाएं कर रही है, जो लॉलीपॉप से ज़्यादा कुछ नहीं हैं। सीईटी जैसी परीक्षाएं करवाई गईं, जिसमें लाखों युवाओं ने हिस्सा लिया, लेकिन नौकरी कितनों को मिली, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी के नाम पर इंटरेस्ट टेस्ट और अन्य शुल्क लेकर सरकार अपनी तिजोरियां भर रही है, जबकि पढ़ा-लिखा युवा डिलीवरी बॉय जैसी छोटी-छोटी नौकरियां करने को मजबूर है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास और भविष्य की रीढ़ की हड्डी – युवाओं – की याद दिलाने का दिन है। अगर युवा मजबूत होगा, तो देश स्वतः प्रगति करेगा, लेकिन आज युवाओं की हालत चिंताजनक है।

गुरिंदरजीत सिंह ने सरकार से मांग की कि:

युवाओं के लिए रोजगारपरक और प्रभावी नीतियां तुरंत लागू की जाएं

नशा मुक्त समाज के लिए नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्त रोक लगाई जाए

युवाओं के नौकरी संबंधी एंट्रेंस एग्जाम पूरी तरह निशुल्क किए जाएं

हरियाणा की नौकरियों में प्राथमिकता हरियाणा के युवाओं को दी जाए

सेवानिवृत्त अधिकारियों को दोबारा एक्सटेंशन देने की बजाय योग्य युवाओं को अवसर दिया जाए

रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती कर युवाओं को रोजगार से जोड़ा जाए

अंत में उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में स्वामी विवेकानंद को सम्मान देना चाहती है, तो उनके विचारों को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर नीतियों और क्रियान्वयन में उतारना होगा, तभी राष्ट्रीय युवा दिवस सार्थक होगा।

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Author: Bharat Sarathi

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