HVPN–HPGCL के ARR पर जनसुनवाई सम्पन्न

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थर्मल पावर प्लांटों के थर्ड पार्टी तकनीकी ऑडिट के सख्त निर्देश**

चंडीगढ़। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के पंचकूला स्थित कोर्ट रूम में बुधवार को वित्त वर्ष 2026–27 के लिए हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (HVPN) एवं हरियाणा बिजली उत्पादन निगम लिमिटेड (HPGCL) द्वारा दायर वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) याचिकाओं पर जनसुनवाई आयोजित की गई।

जनसुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा तथा सदस्य मुकेश गर्ग और शिव कुमार ने HPGCL के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा के सभी थर्मल पावर प्लांटों का स्वतंत्र थर्ड पार्टी तकनीकी ऑडिट अनिवार्य रूप से कराया जाए। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में पूर्व में भी निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन उनकी पूर्ण अनुपालना नहीं हुई, जो गंभीर विषय है।

सेफ्टी ऑडिट और ऐश प्रबंधन पर सख्ती

आयोग ने पावर प्लांटों की सेफ्टी ऑडिट को भी अनिवार्य बताते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
इसके साथ ही, प्लांटों से निकलने वाली राख (ऐश) के वैज्ञानिक उपयोग और निपटान को सुनिश्चित करने के लिए ऐश मैनेजमेंट कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए। आयोग ने कहा कि प्रभावी ऐश प्रबंधन से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि गैर-टैरिफ आय (Non-Tariff Income) बढ़ाने की संभावनाएं भी हैं।

‘सेवानिवृत्त अभियंताओं का ऑडिट पर्याप्त नहीं’

HPGCL की ओर से बताया गया कि पावर प्लांटों में BHEL और NTPC के सेवानिवृत्त अभियंताओं द्वारा तकनीकी ऑडिट कराया जाता है। इस पर आयोग ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह व्यवस्था स्वतंत्र थर्ड पार्टी ऑडिट का विकल्प नहीं हो सकती
आयोग ने निर्देश दिए कि प्रतिष्ठित और विशेषज्ञ एजेंसियों से व्यापक तकनीकी ऑडिट कराया जाए तथा पूर्व में कराए गए सभी ऑडिट का विस्तृत विवरण आयोग को प्रस्तुत किया जाए

कोयले की गुणवत्ता पर भी सवाल

आयोग ने प्लांटों में उपयोग किए जा रहे कोयले की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि HPGCL अधिकारियों ने इस पर संतोषजनक उत्तर देने का दावा किया, लेकिन आयोग ने स्पष्ट संकेत दिया कि भविष्य में इस विषय पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

ARR का ब्योरा

बुधवार को पहले HVPN की और उसके बाद HPGCL की जनसुनवाई हुई।

  • HVPN ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए 2,739.96 करोड़ रुपये के ARR की मांग की, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 2,496.58 करोड़ रुपये थी।
  • HPGCL ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए 210.47 करोड़ रुपये के राजस्व की मांग रखी।
ऋण लागत घटाने और बचत के निर्देश

आयोग ने HVPN को निर्देश दिए कि वह अपने प्रोजेक्टों के लिए न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण सुनिश्चित करे तथा ऋण पुनर्वित्त (Refinancing) जैसे विकल्पों पर गंभीरता से विचार करे।
आयोग ने अगले वित्त वर्ष में कम से कम 25 करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए, ताकि टैरिफ पर अनावश्यक बोझ न पड़े।

आयोग के प्रमुख निर्देश संक्षेप में
  • सभी थर्मल पावर प्लांटों का स्वतंत्र थर्ड पार्टी तकनीकी ऑडिट
  • जनरेटिंग स्टेशनों की अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट
  • ऐश मैनेजमेंट कमेटी का गठन और वैज्ञानिक ऐश उपयोग
  • ऋण लागत घटाने के लिए मार्केट-लिंक्ड फाइनेंसिंग व रिफाइनेंसिंग
  • संचालन दक्षता बढ़ाकर लागत में कटौती और राजस्व अनुकूलन
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Author: Bharat Sarathi

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