नगर निगम कमिश्नर और DC की चुप्पी पर सवाल** — गुरिंदरजीत सिंह

गुरुग्राम। दिल्ली–एनसीआर में वायु प्रदूषण के “अत्यंत गंभीर” स्तर पर पहुंचने के बाद GRAP स्टेज-4 लागू है। सरकारी आदेशों के अनुसार इस दौरान धूल फैलाने वाले निर्माण और खुदाई कार्यों पर सख्त प्रतिबंध होना चाहिए। इसके बावजूद गुरुग्राम में सड़कों, सीवर और पानी की लाइनों के नाम पर बड़े पैमाने पर खुदाई जारी है, जिससे प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
समाजसेवी इंजीनियर गुरिंदरजीत सिंह (अर्जुन नगर) ने कहा कि यह स्थिति बिना नगर निगम कमिश्नर और जिला उपायुक्त (DC) की अनुमति और जानकारी के संभव ही नहीं है। ऐसे में सवाल यह नहीं है कि खुदाई क्यों हो रही है, बल्कि यह है कि किसके आदेश पर हो रही है और किसकी शह पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि वार्ड-28 के शिव नगर पार्ट-2, कपूर हार्डवेयर वाली गली में पार्षद धर्मबीर भांगरोला द्वारा सीवर, पानी की लाइन और सड़क निर्माण कार्य का उद्घाटन किया गया। इसी तरह जैकबपुरा, सुभाष नगर, खांडसा रोड सहित कई इलाकों में खुदाई और निर्माण कार्य चल रहे हैं। यदि GRAP के दौरान ऐसे कार्य प्रतिबंधित हैं, तो फिर नगर निगम और जिला प्रशासन ने इन्हें अनुमति कैसे दी?
गुरिंदरजीत सिंह ने कहा, “GRAP कोई सुझाव नहीं, बल्कि कानूनन लागू आदेश है। यदि इसके बावजूद धूल फैलाने वाले कार्य हो रहे हैं, तो इसका सीधा अर्थ है कि या तो नगर निगम कमिश्नर और DC को इसकी जानकारी नहीं है—जो प्रशासनिक विफलता है—या फिर जानकारी होने के बावजूद आंखें मूंद ली गई हैं—जो गंभीर लापरवाही और मिलीभगत का संकेत है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क और सीवर खुदाई से उड़ती धूल बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों के लिए ज़हर बन रही है, लेकिन नगर निगम स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर सिर्फ कागजी बैठकें और निर्देश जारी कर रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि, “क्या दिसंबर के महीने में केवल इसलिए आनन-फानन में काम शुरू कर दिए गए हैं ताकि फरवरी में पेश होने वाले नए बजट से पहले चालू वित्तीय वर्ष का पैसा हर हाल में खर्च कर दिया जाए? यदि ऐसा है तो नगर निगम कमिश्नर और DC को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जनता का स्वास्थ्य ज़्यादा महत्वपूर्ण है या बजट का आंकड़ा।”
प्रशासन से तीन सीधे सवाल
गुरिंदरजीत सिंह ने नगर निगम कमिश्नर और DC से तीन सवाल पूछे—
- GRAP-4 के दौरान गुरुग्राम में चल रहे खुदाई और निर्माण कार्यों को किस नियम के तहत अनुमति दी गई है?
- क्या इन कार्यों के लिए CAQM और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक मंजूरी ली गई है?
- यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई कब होगी?
स्पष्ट मांग
उन्होंने मांग की कि—
- GRAP की अवधि में सभी गैर-आवश्यक खुदाई और निर्माण कार्य तत्काल रोके जाएं
- GRAP उल्लंघन के मामलों में नगर निगम के संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
- जिला उपायुक्त स्वयं इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करें और सार्वजनिक जवाब दें
अंत में उन्होंने कहा, “गुरुग्राम को प्रदूषण के हवाले करना किसी ठेकेदार की गलती नहीं, बल्कि प्रशासनिक फैसलों का नतीजा है। जब तक नगर निगम कमिश्नर और DC जवाबदेह नहीं होंगे, तब तक GRAP सिर्फ कागजों में ही लागू रहेगा।”







