अविश्वास प्रस्ताव ने कांग्रेस की फूट को फिर से उजागर किया : बड़ौली
अविश्वास प्रस्ताव पर खुद पूर्व सीएम हु्ड्डा व कई विधायकों ने हस्ताक्षर तक नहीं किए
गुटों में बंटी कांग्रेस के लिए जनाधार वापस लाना नामुमकिन : बड़ौली
चंडीगढ़, 20 दिसंबर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा विधानसभा सत्र में कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव ने फिर से कांग्रेस की फूट को उजागर कर दिया। उन्होंने कहा कि खुद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कांग्रेस के कई विधायकों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। अविश्वास प्रस्ताव कांग्रेस की हताशा का परिणाम है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव ने कांग्रेस की ही कमजोरी उजागर कर दी है। कांग्रेस के 37 में से 32 विधायकों ने ही इस पर हस्ताक्षर किए हैं। यही नहीं भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। इससे पता लगता है कि कांग्रेस गुटों में बंटी हुई है अब जनाधार वापस लाना कांग्रेस के लिए नामुमकिन है।
श्री बड़ौली ने कहा कि इस तरह का अविश्वास प्रस्ताव लाना कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और उनकी सांगठनिक कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता का विश्वास खो चुकी है और अब सदन का समय बर्बाद कर रही है। कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव हताशा और निराशा का प्रतीक है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस द्वारा पिछले पांच वर्षों में यह तीसरी बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास ना जनता का विश्वास है और ना ही विधानसभा में संख्या बल है, लेकिन फिर भी कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर सिद्ध कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी अपना विश्वास ही लगातार खो रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने कहा कि हरियाणा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में भाजपा के सभी विधायक पूरे आत्मविश्वास, एकजुटता और अनुशासन के साथ सदन में डटे रहे। भाजपा ने लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप चर्चा का सामना किया और सरकार की स्थिरता को मजबूती से प्रदर्शित किया।







