पंचकूला, 13 दिसंबर। जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर पंचकूला तथा उपमंडल कालका में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) पंचकूला के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री अजय कुमार घनघस ने दी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HALSA) के तत्वावधान में किया गया, जिसका उद्देश्य मामलों का त्वरित, प्रभावी एवं आपसी सहमति से निपटारा करना रहा। लोक अदालत में आमजन और वादकारियों की सुविधा के लिए जिला न्यायालय परिसर में विशेष हेल्प डेस्क स्थापित की गई, जहां लोक अदालत की बेंचों, मामलों की प्रकृति, समझौता प्रक्रिया आदि की जानकारी प्रदान की गई।
श्री घनघस ने बताया कि हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माननीय सदस्य सचिव श्री जगदीप सिंह लोहान ने जिला न्यायालय पंचकूला का दौरा कर लोक अदालत की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी लोक अदालत बेंचों का निरीक्षण किया, पीठासीन अधिकारियों से संवाद किया तथा मामलों के निपटारे की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने निष्पक्ष और सहमति आधारित निपटारे पर जोर देते हुए अधिक से अधिक मामलों के समाधान के लिए समन्वय बढ़ाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में सिविल मामले, आपराधिक समझौता योग्य मामले, राजस्व मामले, ट्रैफिक चालान, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना दावा मामले, पारिवारिक विवाद सहित विभिन्न प्री-लिटिगेशन एवं लंबित मामलों को लिया गया। लोक अदालत के माध्यम से वादकारियों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का मंच मिला, जिससे समय और खर्च की बचत हुई तथा न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में सहायता मिली।
श्री घनघस ने बताया कि आज की राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 19,142 मामले लिए गए, जिनमें से 18,339 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 12,19,76,48 रुपये (लगभग 12.19 करोड़ रुपये) की राशि का सेटलमेंट हुआ। विशेष रूप से ट्रैफिक चालान और छोटे विवादों में आमजन को त्वरित राहत मिली।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में हुए समझौते अंतिम और बाध्यकारी होते हैं, जिनके खिलाफ कोई अपील नहीं होती, जिससे न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता और प्रभावशीलता बढ़ती है।
श्री अजय कुमार घनघस ने लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय स्टाफ, पुलिस अधिकारियों एवं विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने आमजन से भविष्य में भी लोक अदालतों का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने विवादों का शांतिपूर्ण, त्वरित और कम खर्च में समाधान करने की अपील की।







