प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में नियुक्त होंगे संस्कार टीचर: नरेश सेलपाड़ नए सत्र से होगी नियुक्तियां, जल्द होगा विज्ञापन जारी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

चण्डीगढ़। केश कला एवं कौशल विकास बोर्ड के निदेशक नरेश सेलपाड़ ने कहा है कि नई शिक्षा नीति के तहत जल्द ही हरियाणा प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में संस्कार अध्यापक भी नियुक्त किए जाएंगे। ये अध्यापक स्कूल एजुकेशन और साक्षरता मिशन भारत सरकार के विशेष प्रोजेक्ट के तहत मिनिस्ट्री आफ कल्चर अफेयर भारत सरकार व देश की एक नामी संस्था के तत्वावधान में सभी प्राइमरी स्कूलों में नियुक्त किए जाएंगे। इसके लिए बकायदा सिलेबस भी तैयार किया जा रहा है। ये अध्यापक अंशकालिक होंगे, और ये हर रोज दो घंटे ही विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। ये अध्यापक नए सत्र से स्कूलों में शिक्षा देते हुए नजर आएंगे।

ये रहेगी शैक्षणिक योग्यता:-
केश कला एवं कौशल विकास बोर्ड के निदेशक नरेश सेलपाड़ के अनुसार इन पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 12 वीं कक्षा पास गई है। साथ ही आवेदक की आयु प्रदेश में नियुक्ति नियमों के अनुरुप 18 से 42 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। हालांकि एससी, एस.टी. या भूतपूर्व सैनिकों या उनके आश्रितों, स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को इसमें तीन वर्ष की छूट रहेगी। इसके अलावा इसके 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।

ये हैं जरुरी दस्तावेज:-
केश कला एवं कौशल विकास बोर्ड के निदेशक नरेश सेलपाड़ के अनुसार इसके लिए आवेदक को दसवीं एवं बाहरवीं कक्षा के दस्तावेजों की फोटोकॉपी, (इसमें 12 वीं कक्षा में 50 प्रतिशक अंक अनिवार्य) आधार कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खातों की छायाप्रति, आयु संबंधित छूट के लिए एससी, एस.टी. या भूतपूर्व सैनिकों या उनके आश्रितों, स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों से संबंधित साक्ष्य भी जमा करवाने होंगे। इसमें श्रेणी विशेष की छूट के लिए भी अन्य जाति या अधिक शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज भी संलग्न किए जा सकते हैं।

ये रहेगा वेतनमान:-
निदेशक नरेश सेलपाड़ ने बताया कि चयनित प्राइमरी स्कूलों में नियुक्त संस्कार अध्यापकों को महज दो घंटे ही अपनी सेवाएं देनी होगी। जिसके एवज में उन्हें 9240 रुपये के आस-पास वेतनमान दिया जाएगा। यदि एक गांव में एक स्कूल है तो उनकी डयूटी उसी स्कूल में होगी, यदि गांव में दो प्राईमरी स्कूल हैं तो अलग-अलग दिनों या एक-एक घंटा दोनों स्कूलों में सेवाएं देनी होगी। किसी बड़े गांव या कस्बे में दो से अधिक प्राइमरी स्कूल होने पर वहां एक से अधिक अध्यापकों की नियुक्तियां हो सकेगी।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!