केन्द्रीय बजट में हरियाणा की झोली फिर खाली रही – दीपेन्द्र हुड्डा

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·       सरकार ने हरियाणा से सिर्फ लिया, दिया कुछ नहीं – दीपेन्द्र हुड्डा

·       न जाने क्यों केंद्र सरकार को हरियाणा से इतनी नाराजगी है। वो हरियाणा से टैक्स के रूप में 7 रुपए वसूल रही है और बदले में सिर्फ 1 रुपया दे रही है – दीपेन्द्र हुड्डा 

·       बजट में एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत किसानों की मांगों पर सरकार ने चुप्पी साधी – दीपेन्द्र हुड्डा

·       इस बजट में दूरदर्शिता का अभाव, इससे महंगाई व बेरोजगारी और बढ़ेगी – दीपेन्द्र हुड्डा

·       गरीब व मध्यम वर्ग को परेशान कर रही महंगाई, बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया – दीपेन्द्र हुड्डा

·       नयी कोई परियोजना देना तो दूरहुड्डा के नेतृत्व वाली काँग्रेस सरकार द्वारा मंजूरशुदा बड़ी परियोजनाओं के लिए भी कोई बजट आवंटन नहीं दिया – दीपेन्द्र हुड्डा 

·       मेट्रो विस्तार, RRTS परियोजनाओं, रेल कोच फैक्ट्रीबाढ़सा एम्स-2 परिसर के मंजूरशुदा संस्थानडिफेन्स यूनिवर्सिटी के लिए कोई बजट नहीं दिया – दीपेन्द्र हुड्डा 

चंडीगढ़, 01 फरवरी। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने आज पेश हुए केन्द्रीय बजट को पूरी तरह निराशाजनक बताते हुए कहा कि केन्द्रीय बजट में हरियाणा की झोली फिर खाली रही है। उन्होंने कहा कि इस बजट में दूरदर्शिता का अभाव, इससे महंगाई व बेरोजगारी और बढ़ेगी। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि न जाने क्यों केंद्र सरकार को हरियाणा से इतनी नाराजगी है, वो हरियाणा से टैक्स के रूप में 7 रुपए वसूल रही है और बदले में सिर्फ 1 रुपया दे रही है। हमेशा की तरह इस बार बजट में हरियाणा फिर से खाली हाथ रहा और उसे कुछ नहीं मिला। बजट का सारा फोकस एक चुनावी राज्य तक ही सीमित है। सरकार की तरफ से गरीब व मध्यम वर्ग को बुरी तरह परेशान कर रही रिकार्ड महंगाई, रिकार्ड बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। इतना ही नहीं देश के किसान एमएसपी की कानूनी गारंटी को लेकर आंदोलनरत हैं, फिर भी बजट में किसानों की मांगों को पूरी तरह से गायब कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बजट में हरियाणा को नयी कोई परियोजना मिलना तो दूर, हुड्डा के नेतृत्व वाली काँग्रेस सरकार द्वारा मंजूरशुदा बड़ी परियोजनाओं – मेट्रो विस्तार, RRTS परियोजनाओं, रेल कोच फैक्ट्री, बाढ़सा एम्स-2 परिसर के मंजूरशुदा संस्थान, डिफेन्स यूनिवर्सिटी आदि के लिए भी कोई बजट आवंटन नहीं दिया।

दीपेंद्र हुड्डा ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह भी कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने राष्ट्रपति अभिभाषण के जरिए कहा है कि तीसरे कार्यकाल में तीन गुना तेज गति से काम हो रहा है। जबकि हरियाणा की डबल इंजन सरकार कछुआ गति से भी काम नहीं कर पा रही है। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि इस बार के बजट में भी देश में अगर किसी राज्य के साथ सबसे ज्यादा सौतेला व्यवहार हुआ है तो वो हरियाणा के साथ हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार हरियाणा से कुल 7.10 प्रतिशत जीएसटी इकट्ठा करती है, लेकिन बदले में हरियाणा को केवल 1.009 प्रतिशत हिस्सा ही दिया जाता है। यानी केंद्र सरकार हरियाणा से 7 रुपया ले रही है और केवल 1 रुपया वापस दे रही है, जो पूरे देश में सबसे कम है।

सांसद दीपेन्द्र ने सवाल किया कि क्या हरियाणा का यही कसूर है कि उसकी आबादी देश की कुल आबादी का 2.1 प्रतिशत है, देश के कुल क्षेत्रफल 1.34 प्रतिशत है, जीएसटी कलेक्शन में 7 प्रतिशत हिस्सेदारी है, हरियाणा का किसान देश के अन्न भंडार में 33 प्रतिशत योगदान दे रहा है। देश की आर्म्ड फोर्सेस में 11 प्रतिशत मैन पावर हरियाणा से आता है, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देश को मिलने वाले करीब 50 प्रतिशत मेडल हरियाणा के खिलाड़ी जीतकर ला रहे हैं। आखिर बीजेपी सरकार बजट में हरियाणा के साथ लगातार घोर अन्याय क्यों कर रही है?

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Author: Bharat Sarathi

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