चंडीगढ़, 19 फरवरी – हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री मनोज यादव ने आज पुलिस मुख्यालय से पुलिस नागरिक सेवाओं के साथ परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के एकीकरण तथा ’एम्प्लोयी कार्नर’ का शुभारंभ किया। आईटी के क्षेत्र में की जा रही नई पहलों की सराहना करते हुए डीजीपी ने कहा कि हरियाणा पुलिस लाभार्थियों को विभिन्न नागरिक केंद्रित सेवाओं की स्वचालित प्रदायगी सुनिश्चित करने के लिए लगातार ई-मार्ग अपना रही है। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र एक ई-गवर्नेंस पहल है जो नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ उनके घर द्वार पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित करेगी। इस अवसर पर जानकारी देते हुए एडीजीपी प्रशासन एवं आईटी श्री ए.एस. चावला ने बताया कि पीपीपी के एकीकरण होने के साथ नागरिकों के पास अब हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदान की जा रही ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठाने के लिए हरसमय पोर्टल पर अपनी फैमिली आईडी दर्ज करने का विकल्प होगा। ई-सरल एप्लिकेशन फॉर्म में फैमिली आईडी भरने के बाद संबंधित आईडी को वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) के साथ दिए गए मोबाइल नंबर के माध्यम से प्रमाणित किया जाएगा। आवेदकों का व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल विवरण फैमिली आईडी डेटाबेस से आॅटो रूप में लेकर नागरिक सेवाओं में प्रदर्शित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से आवेदकों को उनके प्रोफाइल विवरण (नाम, पता, आयु आदि) के मैनुअल भरने की आवश्यकता नही होगी। ये विवरण पीपीपी डेटाबेस से स्वतः प्राप्त और प्रमाणित होंगे। कर्मचारी अब एक क्लिक पर ले सकेगें सूचना ’एम्प्लोयी कार्नर’ की जानकारी देते हुए श्री चावला ने बताया कि अब हरियाणा पुलिस के कर्मचारी किसी भी समय किसी भी जगह पर केवल एक क्लिक से महत्वपूर्ण परिपत्र, सूचनाएं और प्रशासन से संबंधित स्थायी आदेश, कल्याणकारी लाभ जैसी सूचनाएं ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। कर्मचारियों को ऐसी जानकारी मांगने के लिए पुलिस मुख्यालय, जिला मुख्यालय या उनकी मूल इकाइयों में नहीं जाना पड़ेगा। इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस अधिकारी और जवान अपनी यूनिक एनआईसी एचआरएमएस आईडी का उपयोग करके लॉगिन कर सकते हैं।इस अवसर पर डीजीपी क्राइम मोहम्मद अकील, एडीजीपी आधुनिकीकरण एवं कल्याण, श्री आलोक कुमार रॉय, एडीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) श्री नवदीप सिंह विर्क, एडीजीपी क्राइम अगेंस्ट वूमन श्रीमती कला रामचंद्रन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। Post navigation हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा साहित्यकार सम्मान योजना वर्ष 2017, 2018 तथा 2019 के लिए सम्मानों हेतु साहित्यकारों का चयन पंजाब निकाय चुनाव से सबक ले सरकार, अकेला नहीं है अन्नदाता साथ खड़ा है मतदाता – दीपेंद्र हुड्डा