आंदोलन कर रहे किसान हमारे अन्नदाता हैं न की देश के दुश्मन, उन पर लाठीचार्ज बर्दाश्त नहीं. प्रदेश व केंद्र की सरकार ने एक शब्द भी आंदोलनरत शहीदों के लिए नहीं कहा जो की बेहद निंदनीय है

चंडीगढ़, 4 जनवरी: इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव एवं विधायक अभय सिंह चौटाला ने इस साल बुढापा पेंशन न बढ़ाने पर हरियाणा की गठबंधन सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पेंशन लाभार्थियों के हकों का हनन है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि भाजपा-गठबंधन सरकार बुढापा, विधवा एवं विकलांग पेंशन तुरन्त जारी करे। प्रदेश में लगभग 29 लाख पेंशन लाभार्थी हैं जिनकी आजीविका का एकमात्र साधन सरकार द्वारा दी जाने वाली पेंशन ही है। सरकार कोरोना महामारी की आड़ में प्रदेश के किसानों को लूटने के बाद अब पेंशन लाभार्थियों को उनके हकों से वंचित करना चाहती है जो कतई बर्दाश्त नहीं है।

इनेलो नेता ने रेवाड़ी स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों पर किए गए लाठीचार्ज और उन पर आंसू गैस के  इस्तेमाल की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि वो हमारे अन्नदाता हैं न की देश के दुश्मन। उन्होंने किसान संगठनों द्वारा काले कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र की सरकार को किसानों की मांग माननी पड़ेगी। केंद्र सरकार द्वारा हर बार वार्ता को टालने पर उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत में खोट है।

इनेलो नेता ने कहा कि आज किसान आंदोलन को 40 दिन हो गए हैं और पूरे देश से आए लाखों किसान इस भीषण ठंड में दिल्ली के बॉर्डर पर डटे हैं, ऊपर से बारिश ने उनका जीना दुभर कर दिया है लेकिन सरकार इतनी घमंडी हो चुकी है कि उन्हे सिर्फ कारपोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने के अलावा कुछ दिखाई नहीं दे रहा। आंदोलन के दौरान अब तक शहीद हुए लगभग 57 किसानों की मृत्यु पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि प्रदेश व केंद्र की सरकार ने एक शब्द भी इन शहीदों के लिए नहीं कहा जो की बेहद निंदनीय है।

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