भिवानी/मुकेश वत्स  

अफसरों की नासमझी की वजह से तोशाम हलके में किसान अपने हकों के लिए धरने पर बैठे है। यह बात युवा कल्याण संगठन के संरक्षक कमल सिंह प्रधान ने जारी एक बयान में कही। उन्होंने कहा कि अगर ढ़ाणीमाहु डिस्ट्रीब्यूटरी, निगांना फीडर व अन्य नहरों में अगर पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा जाए तो टेल तक पानी पहुंच सकता हैं। जिससे तो पाईप डालने की बात किसान कर रहे हैं, उनकी भी मांग पूरी होती है। क्योंकि पाईप डालन कोई स्थायी समाधान नहीं है। अगर पाईप डलते है तो जिन किसानों ने ट्यव्बैल लगा रखे है, उनसे जमीनी पानी का स्तर नीचे चला जाएगा और जितने पेड़ नहर के साथ-साथ लगे है, उनमे भी भारी नुकसान होगा।

उन्होंने कहा कि इस मामले मे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, कृषि मंत्री जेपी दलाल व सांसद धर्मबीर सिंह को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। कृषि मंत्री व सांसद को मौके पर जाकर दोनों जगह धरने पर बैठे किसानों से बातचीत कर इसका समाधान करना चाहिए। इसका समाधान केवल एक ही है, जो भिवानी जिला में जितेना क्यूसिक पानी पहले आता था, उसमें ओर क्यूसिक पानी मिलाकर जुई नहर, निंगाना फीडर, ढ़ाणीमाहु डिस्ट्रीब्यूटरी और जितने भी सब माईनर है, उनमें पानी पहुचाने का काम करें ताकि पानी टेल तक पहुंचे और दोनों पक्ष के किसानों का समाधान निकल सकें।

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