वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए निगमायुक्त ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, बायोमास जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने को कहा
गुरुग्राम, 15 अक्टूबर। नगर निगम गुरुग्राम की सीमा में संचालित सभी रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांटों को 25 अक्टूबर तक धराशायी किया जाएगा। सूचना के अनुसार निगम क्षेत्र में कुल 31 आरएमसी प्लांट हैं। इस संबंध में संबंधित प्लांटों को नोटिस जारी करने सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने संबंधित संयुक्त आयुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 25 अक्टूबर के बाद नगर निगम गुरुग्राम के क्षेत्र में कोई भी आरएमसी प्लांट नहीं होना चाहिए।
वीरवार को नगर निगम कार्यालय में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए प्रभावी और नियमित कदम उठाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनका जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
आरएमसी प्लांटों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
बैठक में निगमायुक्त ने नगर निगम क्षेत्र में स्थित सभी आरएमसी प्लांटों के संबंध में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित संयुक्त आयुक्तों को निर्देश दिए कि नोटिस जारी करने और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि 25 अक्टूबर तक सभी संबंधित प्लांटों को हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समयसीमा का गंभीरता से पालन किया जाए और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
बायोमास जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करें अधिकारी
निगमायुक्त ने नगर निगम क्षेत्र में बायोमास जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बायोमास जलाता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सक्रिय रहने को कहा। बागवानी कचरे का समय पर उठान सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि कचरे में आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके और उनसे होने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण रखा जा सके।
निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय जरूरी
वायु प्रदूषण को कम करने के लिए निगमायुक्त ने निर्माण स्थलों और उनके आसपास के क्षेत्रों में धूल नियंत्रण के उचित उपाय अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण स्थलों पर पानी का नियमित छिड़काव किया जाए और धूल उड़ने से रोकने के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। इसके साथ ही सड़कों और पेड़ों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने तथा धूल नियंत्रण संबंधी गतिविधियों की निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने सड़कों की डीप क्लीनिंग कराने पर जोर देते हुए कहा कि सड़क की सतह पर जमा धूल को प्रभावी ढंग से हटाया जाए, ताकि धूल के दोबारा हवा में फैलने की संभावना कम हो।
कचरा डंपिंग प्वाइंट पर बढ़ेगी निगरानी
निगमायुक्त ने कचरा डंपिंग प्वाइंटों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए और कचरा जलाने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित टीमें सतर्क रहें। उन्होंने बागवानी कचरे का तत्काल उठान सुनिश्चित करने के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाना, कचरे के उचित प्रबंधन को बढ़ावा देना और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी उपायों को अधिक प्रभावी बनाना है।
नियमित निगरानी और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी उपायों की नियमित निगरानी की जाए। संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित निर्देशों का पालन हो रहा है। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए आरएमसी प्लांटों के खिलाफ कार्रवाई, बायोमास जलाने पर रोक, निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, सड़कों की डीप क्लीनिंग और कचरे के समयबद्ध उठान जैसे उपायों पर जोर दिया जा रहा है। इन निर्देशों का उद्देश्य शहर में प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर नियंत्रण करना और नागरिकों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के प्रयासों को मजबूत करना है।
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका, कुशल कटारिया, डॉ जयवीर यादव, संयुक्त आयुक्त डॉ प्रीतपाल सिंह, डॉ नरेश कुमार, सपना यादव व रविन्द्र मलिक सहित कार्यकारी अभियंता उपस्थित थे।








