नीति रद्द करने की मांग पर अड़े नर्सिंग ऑफिसर्स, दूसरे दिन भी काले बिल्ले लगाकर किया काम
5, 6 और 7 अक्टूबर को दो-दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल का ऐलान; इमरजेंसी सेवाएं जारी रखने की बात कही
गुरुग्राम, 1 अक्टूबर। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ नर्सिंग ऑफिसर्स का विरोध गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल समेत जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में तैनात नर्सिंग ऑफिसर्स ने काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी की। सुबह की शिफ्ट से लेकर रात की ड्यूटी तक विरोध दर्ज कराते हुए उन्होंने सरकार से पॉलिसी तत्काल रद्द करने की मांग की।
नर्सिंग ऑफिसर्स ने नाराजगी जताते हुए कहा, “यह मॉडल ट्रांसफर पॉलिसी नहीं, बल्कि टॉर्चर ट्रांसफर पॉलिसी है।” उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
लगातार दूसरे दिन दिखी एकजुटता
नर्सिंग ऑफिसर्स ने बताया कि बुधवार को आंदोलन के पहले दिन गुरुग्राम समेत प्रदेशभर में नर्सिंग स्टाफ ने काले बिल्ले लगाकर काम किया था। गुरुवार को दूसरे दिन भी इसी तरह विरोध जारी रहा। उनका कहना है कि मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी निभाते हुए वे अपनी आपत्तियां सरकार तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी।
गृह जिले से दूर तबादलों पर आपत्ति
नर्सिंग ऑफिसर्स ने पॉलिसी को अव्यवहारिक बताते हुए आरोप लगाया कि इसके तहत महिला स्टाफ को गृह जिले से 100 से 200 किलोमीटर दूर भेजा जाएगा। उनका कहना है कि इतने दूर तबादले होने से पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाना और बच्चों की देखभाल करना कठिन होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि तबादला प्रक्रिया में वरिष्ठता और मेरिट को दरकिनार किया जा रहा है। नर्सिंग ऑफिसर्स ने आशंका जताई कि मनमाने तबादलों से अस्पतालों की व्यवस्थाएं और प्रभावित होंगी, जिसका सीधा असर मरीजों की देखभाल पर पड़ेगा।
तीन दिन दो-दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल
नर्सिंग ऑफिसर्स ने कहा कि नर्सिंग आपातकालीन सेवा से जुड़ा कार्य है और वे मरीजों को परेशानी में नहीं डालना चाहते। इसी कारण आंदोलन की शुरुआत काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी करने से की गई है।
उन्होंने बताया कि अगले चरण में 5, 6 और 7 अक्टूबर 2026 को दो-दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं चालू रखी जाएंगी, ताकि आपातकालीन उपचार की जरूरत वाले मरीजों को परेशानी न हो। मांगें नहीं माने जाने पर प्रदेश स्तर पर आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
‘जबरन तबादले नहीं, पसंद का विकल्प मिले’
नर्सिंग ऑफिसर्स ने मांग की कि चाहे मेवात कैडर हो या शेष हरियाणा का नर्सिंग स्टाफ, तबादला नीति में पसंद के स्थान का विकल्प मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी जहां जाना चाहता है, उसकी इच्छा को तबादला प्रक्रिया में महत्व दिया जाए। जबरन तबादले करना न्यायसंगत नहीं है।
नर्सिंग ऑफिसर्स ने मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को नर्सिंग कैडर के साथ अन्याय बताते हुए दोहराया कि सरकार इसे तत्काल रद्द करे और उनकी व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखकर निर्णय ले।








