साढ़े तीन महीने से सीबीजी प्लांट के खिलाफ आंदोलनरत स्थानीय लोगों के समर्थन में उतरी कांग्रेस, निष्पक्ष जांच और प्लांट को आवासीय क्षेत्र से हटाने की मांग।
राव नरेंद्र सिंह बोले— कॉर्पोरेट हितों के लिए जनता के स्वास्थ्य और पर्यावरण से समझौता स्वीकार नहीं।

चंडीगढ़/जींद। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जींद में हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया, लेकिन इसी जींद में पिछले साढ़े तीन महीनों से लोग गोहाना रोड स्थित रिलायंस के कम्प्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट के खिलाफ अपने जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने कॉर्पोरेट मित्रों के मुनाफे को प्राथमिकता देते हुए आम जनता के “जीने के अधिकार” की अनदेखी की है। उनके अनुसार, घनी आबादी के बीच संचालित यह प्लांट स्थानीय लोगों के लिए एक “डेथ चैंबर” बन चुका है और इसकी तुलना लोग भोपाल गैस त्रासदी जैसी स्थिति से कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्लांट से निकलने वाले धुएं, दुर्गंध और रासायनिक उत्सर्जन के कारण क्षेत्र के लोगों में अस्थमा, गले के संक्रमण तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं। इसके साथ ही इलाके में संपत्तियों के मूल्य में भारी गिरावट आई है और कई परिवार अपने घर छोड़ने तक को मजबूर हो रहे हैं। उनका कहना है कि प्लांट के संचालन से स्थानीय पर्यावरण, वायु गुणवत्ता और भू-जल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने एक आवासीय क्षेत्र में इस प्रकार के प्लांट को अनुमति देकर लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है और प्रशासन इस पूरे मामले में मूकदर्शक बना हुआ है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा कांग्रेस की मांग है कि रिलायंस सीबीजी प्लांट का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से इसकी निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच करवाई जाए तथा लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस प्लांट को आवासीय क्षेत्र से हटाकर किसी ऐसे स्थान पर स्थानांतरित किया जाए जहां आसपास कोई रिहायशी इलाका न हो।
उन्होंने कहा कि हरियाणा कांग्रेस स्थानीय निवासियों के साथ मजबूती से खड़ी है और इस मुद्दे को केवल जींद तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि पूरे प्रदेश में उठाया जाएगा। उन्होंने भाजपा सरकार से कॉर्पोरेट हितों के लिए जनता के जीवन और स्वास्थ्य से समझौता बंद करने की मांग की।








