· बजट आवंटन में हरियाणा के साथ सौतेला व्यवहार और जनता पर टोल वसूली का चौतरफा वार स्वीकार्य नहीं – दीपेन्द्र हुड्डा
· तीन महीने में दूसरी बार टोल वृद्धि, महंगाई से परेशान जनता के साथ खुलेआम लूट जैसा – दीपेन्द्र हुड्डा
· देश में सबसे ज्यादा टोल वसूली के शिकार हरियाणा में टोल कम करने की बजाय आये दिन टोल बढ़ाकर जले पर नमक छिड़क रही बीजेपी सरकार – दीपेन्द्र हुड्डा
चंडीगढ़, 16 जुलाई। सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने तीन महीने में दूसरी बार हुई टोल दरों में वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि कमरतोड़ महंगाई से जूझ रही जनता पर टोल वृद्धि की एक और करारी चोट है। हरियाणा में टोल कम करने की बजाय टोल दरों को बढ़ाकर बीजेपी सरकार जले पर नमक छिड़क रही है। सारे नियमों को ताक पर रखकर पहले ही जनता की जेब काटी जा रही है। तीन महीने में दूसरी बार टोल वृद्धि महंगाई से परेशान जनता के साथ खुलेआम लूट जैसा है। केंद्र की बीजेपी सरकार हरियाणा में मनमानी और बेरहमी से हो रही टोल वसूली बंद करे। उन्होंने कहा कि लोकसभा में टोल दरों को लेकर पूछे गए उनके सवाल के जवाब से खुलासा हुआ था कि हरियाणा में देश में सबसे ज्यादा टोल वसूली हो रही है। जबकि, गुजरात जनसंख्या में हरियाणा से 3 गुना बड़ा प्रदेश और क्षेत्रफल में 4 गुना बड़ा, फिर भी टोल वसूली गुजरात में कम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हरियाणा से कुल 7.10 प्रतिशत जीएसटी इकट्ठा करती है, लेकिन बदले में हरियाणा को केवल 1.009 प्रतिशत हिस्सा ही दिया जाता है। यानी केंद्र सरकार हरियाणा से 7 रुपया ले रही है और केवल 1 रुपया वापस दे रही है, जो पूरे देश में सबसे कम है। बजट आवंटन में हरियाणा के साथ सौतेला व्यवहार और टोल वसूली का चौतरफा वार स्वीकार्य नहीं है।
दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि नेशनल हाईवे पर 2 टोल प्लाजा के बीच नियमानुसार न्यूनतम दूरी 60 KM होनी चाहिए। लेकिन हरियाणा अकेला प्रदेश है जहाँ 2 टोल के बीच की दूरी देश में सबसे कम 45 KM ही है, जबकि किसी और प्रदेश में ऐसा नहीँ है। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में एक टोल खत्म होता नहीं कि दूसरा टोल आ जाता है। लोकसभा में केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस समस्या को स्वीकार करते हुए इस पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया था। दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि टोल बढ़ने से न केवल महंगाई बढ़ेगी बल्कि रोजाना इन मार्गों पर सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों की यात्रा लागत बढ़ जाएगी। खासकर नियमित रूप से इन मार्गों से आने-जाने वाले यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों की जेब पर भारी बोझ पड़ेगा। दीपेन्द्र हुड्डा ने मांग करी कि हरियाणा में आम जनहित में इस अन्यायपूर्ण और मनमानी वसूली पर रोक लगाई जाए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार ऐसे अनुबंधों को बढ़ावा दे रही है जिनमें टोल की अवधि को मनमाने तरीके से बढ़ाया जाता है, जिससे हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। गुजरात के मुकाबले कहीं कम क्षेत्रफल वाले हरियाणा में अंधाधुंध टोल वसूली का यह खेल न सिर्फ अव्यवहारिक है, बल्कि आर्थिक शोषण का स्पष्ट उदाहरण है। ज्ञात हो कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टोल प्लाजा पर बढ़ी हुई दरों को लागू कर दिया है जिसके बाद कार, जीप और अन्य व्यवसायिक वाहनों के टोल रेट में 10 से 30 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है।








