महिलाओं को संवेदनशीलता और तत्परता से सहायता देने के दिए निर्देश
महिलाओं को एक ही स्थान पर बेहतर सहायता उपलब्ध कराने पर हुई चर्चा
गुरुग्राम, 2 जून- मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) गुरुग्राम निशा ने वन स्टॉप सेंटर, गुरुग्राम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं, सेवाओं और अभिलेखों का अवलोकन करते हुए केंद्र की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान निशा ने केंद्र में उपलब्ध आश्रय, परामर्श, चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता तथा कानूनी सहायता संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने सेन्टर में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों से महिलाओं को दी जा रही सेवाओं के बारे में चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर संकटग्रस्त और हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही स्थान पर आवश्यक सहायता एवं सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र में आने वाली प्रत्येक महिला को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ सहायता प्रदान की जाए तथा उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाए।
निशा ने डीएलएसए गुरुग्राम द्वारा संचालित निशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि जरूरतमंद महिलाओं तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए वन स्टॉप सेंटर और डीएलएसए के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं तक समय पर सहायता पहुंचाना है। यदि दोनों संस्थाएं आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तो महिलाओं को कानूनी सहायता, परामर्श, संरक्षण और अन्य आवश्यक सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकती हैं। इसलिए दोनों संस्थाओं के बीच सहयोग और समन्वय को लगातार मजबूत किया जाना आवश्यक है, ताकि किसी भी महिला को सहायता प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक पिंकी ने केंद्र की गतिविधियों और महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी।









