14 दिन बाद भी फरार पांच आरोपी, इंद्राणा पहुंचीं पर्ल चौधरी; बोलीं – हरियाणा में बेटियां अब घर में भी सुरक्षित नहीं

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पीड़ित परिवार से मिलीं महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष, पुलिस जांच और भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

पुनहाना/नूंह। नूंह जिले के इंद्राणा गांव में कथित सामूहिक दुष्कर्म, वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग और उससे आहत होकर आत्महत्या करने वाली 19 वर्षीय युवती के मामले में हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती पर्ल चौधरी सोमवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। उनके साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष हाजी शाहिदा खान, महिला कांग्रेस एवं कांग्रेस पार्टी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार युवती ने आत्महत्या से पूर्व अपने बयान में पांच युवकों पर गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन घटना के 14 दिन बाद भी सभी आरोपी गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं।

पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान परिजनों ने पर्ल चौधरी को बताया कि दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। परिवार ने न्याय में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की।

“काश मेरा भी एक बेटा होता”

मुलाकात के दौरान पीड़िता की मां भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, “काश मेरा भी एक बेटा होता, जो मेरी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ता।” परिवार की व्यथा सुनकर पर्ल चौधरी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि महिला कांग्रेस इस मामले को न्याय मिलने तक भाजपा सरकार को चैन से नहीं रहने देगी ।

मुख्यमंत्री से सीधा सवाल

बाद में आयोजित प्रेस वार्ता में पर्ल चौधरी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि हरियाणा में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी से मेरा सीधा सवाल है कि क्या आपके कार्यकाल में कानून व्यवस्था इतनी बदतर हो गई है कि आज निर्भया जैसी बेटी अपने घर में भी सुरक्षित नहीं है? अगर बेटियां अपने घर में भी सुरक्षित नहीं हैं तो आखिर वे कहां जाएं?”

उन्होंने कहा कि प्रदेश में आए दिन लूट, डकैती, हत्या, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार अपराधियों में कानून का भय पैदा करने में विफल रही है।

अल्वी समाज के प्रतिनिधियों से भी की मुलाकात

पर्ल चौधरी और हाजी शाहिदा खान ने अल्वी समाज के प्रधान जफर अल्वी सहित समाज के अन्य प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार की नहीं बल्कि पूरे समाज की बेटी का मामला है और कांग्रेस पार्टी न्याय की इस लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

डीएसपी से पूछा— जमीन निगल गई या आसमान?

इंद्राणा दौरे के बाद महिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पुनहाना के डीएसपी से भी मुलाकात की। इस दौरान पर्ल चौधरी ने जांच की धीमी गति पर नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा, “अगर 14 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं तो क्या आरोपियों को जमीन निगल गई या आसमान खा गया? आखिर उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा सका?”

उन्होंने पुलिस को मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और साइबर सेल की सहायता लेकर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और कानून के अनुसार कठोर सजा सुनिश्चित करने की मांग की।

72 घंटे में गिरफ्तारी की मांग

पर्ल चौधरी ने कहा कि एफआईआर में नामजद पांचों आरोपी जब तक कानून की गिरफ्त से बाहर हैं, तब तक क्षेत्र की अन्य बेटियों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है।

उन्होंने पुलिस प्रशासन को अगले 72 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार करने की सलाह देते हुए कहा कि हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस पूरे मामले की निगरानी कर रही है।

घटते लिंगानुपात का भी उठाया मुद्दा

पर्ल चौधरी ने हरियाणा में गिरते लिंगानुपात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब बेटियों को अपने घरों में भी सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलेगा तो समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार को केवल नारों से नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई से बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

एसपी से विशेष निगरानी की मांग

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रेस के माध्यम से नूंह के पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन से मामले की व्यक्तिगत निगरानी करने और जांच को प्राथमिकता देने की मांग की।

विधायक मोहम्मद इलियास पर भी उठाए सवाल

पर्ल चौधरी ने पुनहाना के विधायक मोहम्मद इलियास की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा, “घटना के 14 दिन बाद भी क्या विधायक महोदय पीड़ित परिवार से मिलने का समय निकाल पाए हैं? पुनहाना की जनता ने उन्हें कांग्रेस की विचारधारा के नाम पर चुना था। आज जब उनके क्षेत्र की एक गरीब परिवार की बेटी न्याय के लिए पुकार रही है तो उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।”

उन्होंने कहा कि यदि विधायक भाजपा सरकार का समर्थन करते हैं तो जनता जानना चाहती है कि उन्होंने पिछले 14 दिनों में मुख्यमंत्री से इस मामले पर कितनी बार मुलाकात की और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या प्रयास किए।

पर्ल चौधरी ने आरोप लगाया कि यह मामला साबित करता है कि विधायक क्षेत्र की जनता के दुख-दर्द से कट चुके हैं। उन्होंने कहा कि गरीब, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्गों की आवाज उठाना जनप्रतिनिधियों का दायित्व है, लेकिन इस मामले में वह जिम्मेदारी निभाते दिखाई नहीं दे रहे।

“बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का क्या अर्थ रह गया?”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान का उल्लेख करते हुए पर्ल चौधरी ने कहा, “जब बेटियां अपने घरों में भी सुरक्षित नहीं हैं तो गरीब परिवार अपनी बेटी को आखिर कैसे बचाएगा? केवल नारे देने से काम नहीं चलेगा, बेटियों को वास्तविक सुरक्षा देनी होगी।”

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा के कानून-व्यवस्था संबंधी मुद्दों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, जबकि गृह विभाग भी उनके प्रत्यक्ष नियंत्रण में है। नायब सैनी आजकल ज्यादा दिलचस्पी पंजाब की राजनीति में रखते हैं

पर्ल चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी को योग कार्यक्रमों, मन की बात जैसे प्रचार कार्यक्रमों से समय बचाना चाहिए aur उन्हें हरियाणा की बेटियों की सुरक्षा और इंद्राणा जैसी घटनाओं पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाकर जवाबदेही तय करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इंद्राणा की बेटी को न्याय मिलने तक महिला कांग्रेस संघर्ष जारी रखेगी और दोषियों की गिरफ्तारी तथा कठोर सजा की मांग करती रहेगी

पर्ल चौधरी जी के साथ इस शिष्टमंडल में पुनहाना से पूर्व प्रत्याशी हाजी अख्तर हुसैन, प्रदेश सचिव इब्राहिम इंजीनियर बिसरू, यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मोबीन खान, सेवा दल के जिला अध्यक्ष लक्ष्मण चौहान साजिद सरपंच रेवासन डॉक्टर सिमरन जिला महासचिव मेवात हाशिम खान पूर्व नेशनल कोऑर्डिनेटर ओबीसी मुबारक मलिक सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर मेवात जमशेद रेवासन सेवादल के नूँह ब्लॉक प्रेसिडेंट शाहिद अल्वी, सबिया एवं अन्य कांग्रेस पार्टी के लोग साथ रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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