भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों ने खेती को घाटे का सौदा बना दिया है: कुमारी सैैलजा

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कहा- फसलों के लिए लाभकारी एमएसपी सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता

चंडीगढ़ 1 जून। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव कुमारी सैलजा ने कहा है कि भाजपा सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया था, वह पूरी तरह छलावा साबित हुआ है। आज स्थिति यह है कि खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल और कृषि उपकरणों की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि ने किसानों की कमर तोड़ दी है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि हाल ही में एनपीके और पोटाश जैसे उर्वरकों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। एनपीके (12:32:16), एनपीके (16:16:16), पोटाश तथा अन्य मिश्रित उर्वरकों के दामों में प्रति बैग सैकड़ों रुपये की वृद्धि हुई है। इससे खेती की लागत में हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ किसानों पर पड़ रहा है। सांसद ने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार किसानों को लाभकारी मूल्य देने में विफल रही है, वहीं दूसरी ओर खेती के लिए आवश्यक संसाधनों को लगातार महंगा किया जा रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी देने के बजाय सरकार बड़े उद्योगपतियों और निजी कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। इसका सीधा असर देश के अन्नदाताओं पर पड़ रहा है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा सहित पूरे देश का किसान आज बढ़ती लागत, कम आय और कर्ज के दबाव से परेशान है। भाजपा सरकार के दस वर्षों में किसानों की समस्याएं कम होने के बजाय और बढ़ी हैं। किसानों को राहत देने के लिए खाद एवं कृषि आदानों की कीमतों पर नियंत्रण, डीजल पर राहत और फसलों के लिए लाभकारी एमएसपी सुनिश्चित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सांसद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के हितों की लड़ाई लड़ती रही है और भविष्य में भी किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी। कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान है और उसकी समृद्धि के बिना भारत का विकास संभव नहीं है। कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से मांग की कि किसानों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के लिए तत्काल प्रभाव से उर्वरकों की कीमतों में हुई वृद्धि वापस ली जाए तथा किसानों को राहत देने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जाए।

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Author: Bharat Sarathi

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