एमसीजी ने लॉन्च किया फ्लड रिपोर्टिंग पोर्टल, अब नागरिक सीधे दर्ज करा सकेंगे जलभराव की शिकायत

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मानसून से पहले नगर निगम गुरुग्राम की बड़ी पहल, जलभराव की निगरानी और त्वरित समाधान पर रहेगा फोकस

स्वयंसेवक के रूप में करें पंजीकरण, आपातकालीन स्थिति में उपलब्धता अनुसार दें अपनी सेवाएं

गुरुग्राम, 1 जून। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) ने मानसून सीजन के दौरान जलभराव की समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक अत्याधुनिक फ्लड रिपोर्टिंग पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से शहरवासी अपने क्षेत्र में होने वाले जलभराव की सूचना सीधे निगम प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे, जिससे संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी। यह पहल शहर को जलभराव मुक्त बनाने और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

नागरिक अपलोड कर सकेंगे फोटो और जलभराव की स्थिति

एमसीजी की वेबसाइट www.mcg.gov.in पर विकसित इस पोर्टल पर नागरिक जलभराव वाले स्थान की फोटो अपलोड कर सकेंगे। शिकायत दर्ज करते समय फोटो अपलोड करना अनिवार्य रखा गया है, ताकि संबंधित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का सही आकलन किया जा सके। इसके अलावा नागरिक जलभराव की गहराई का भी अनुमान दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए पोर्टल पर ऑटो-रिक्शा, कार, बाइक और व्यक्ति जैसे विजुअल रेफरेंस उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आम लोग आसानी से पानी के स्तर की जानकारी साझा कर सकें।

पिछले वर्षों के जलभराव स्थलों का भी होगा डेटा संग्रह

नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे पिछले वर्षों में जलभराव वाले स्थानों की तस्वीरें भी पोर्टल पर साझा करें। इससे निगम को शहर के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि नागरिक सहभागिता के माध्यम से जलभराव की समस्या का अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी समाधान तैयार किया जा सकेगा।

153 चिन्हित हॉटस्पॉट्स पर विशेष निगरानी

एमसीजी ने शहर में 153 प्रमुख जलभराव संभावित स्थानों की पहचान की है, जबकि तकनीकी अध्ययन में अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को भी चिह्नित किया गया है। निगम द्वारा इन स्थानों पर ड्रेनों की सफाई, सीवर लाइन की डी-सिल्टिंग और अन्य आवश्यक कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। मानसून से पहले सभी महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को न्यूनतम परेशानी का सामना करना पड़े।

आधुनिक तकनीक से होगी जलभराव की निगरानी

फ्लड रिपोर्टिंग पोर्टल के साथ-साथ एमसीजी शहर में आधुनिक फ्लड सेंसर भी स्थापित कर रहा है। ये सेंसर जलभराव की गहराई और सीवर ओवरफ्लो की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराएंगे। निगम का उद्देश्य डेटा आधारित निर्णय प्रणाली विकसित करना है, जिससे जलभराव की स्थिति का पूर्वानुमान लगाकर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इस दिशा में एमसीजी तकनीकी संस्थानों के सहयोग से “रेन-टू-रेजिलिएंस” जैसी परियोजनाओं पर भी कार्य कर रहा है।

स्वयंसेवक के रूप में करें पंजीकरण, आपातकालीन स्थिति में उपलब्धता अनुसार दें अपनी सेवाएं

एमसीजी द्वारा फ्लड रिपोर्टिंग पोर्टल के अंतर्गत एक वॉलंटियर पोर्टल भी शुरू किया गया है, जिसमें नागरिक स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण कर आपदा एवं बाढ़ प्रबंधन कार्यों में प्रशासन की सहायता कर सकेंगे। स्वयंसेवकों को आपातकालीन प्रतिक्रिया, डेटा संग्रहण, सामुदायिक जागरूकता, तकनीकी सहायता, मेडिकल सहायता, समन्वय, सर्च एवं रेस्क्यू तथा परिवहन जैसे क्षेत्रों में योगदान देने का अवसर मिलेगा।

आपातकालीन स्थिति में प्रशासन करेगा स्वयंसेवकों से संपर्क

पोर्टल पर पंजीकृत स्वयंसेवकों का डाटा निगम प्रशासन के पास उपलब्ध रहेगा। किसी भी आपातकालीन स्थिति या जलभराव की गंभीर परिस्थिति में संबंधित स्वयंसेवकों से संपर्क कर राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग लिया जाएगा। निगम प्रशासन ने स्वयंसेवकों से अपना मोबाइल नंबर सक्रिय रखने की अपील की है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल संपर्क स्थापित किया जा सके।

नागरिकों से सहयोग की अपील

नगर निगम गुरुग्राम ने नागरिकों से अपील की है कि वे मानसून के दौरान अपने आसपास जलभराव की स्थिति दिखाई देने पर तुरंत पोर्टल पर जानकारी साझा करें। निगम का मानना है कि प्रशासन और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से जलभराव की समस्या का प्रभावी समाधान संभव होगा तथा गुरुग्राम को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाया जा सकेगा।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, फ्लड रिपोर्टिंग पोर्टल का उद्देश्य केवल जलभराव की शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से एक मजबूत और प्रभावी आपदा प्रबंधन तंत्र विकसित करना है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान प्राप्त होने वाली शिकायतों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी तथा संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को सभी जलभराव संभावित स्थलों पर विशेष निगरानी रखने और निर्धारित समयसीमा में आवश्यक कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही नागरिकों, आरडब्ल्यूए एवं स्वयंसेवकों से अपील की गई है कि वे पोर्टल के माध्यम से अधिक से अधिक जानकारी साझा करें, ताकि गुरुग्राम को जलभराव मुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।

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Author: Bharat Sarathi

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