जहां भगवान की कथा होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है : महंत सर्वेश्वरी गिरि जी महाराज
पिहोवा, 19 मई (प्रमोद कौशिक/संजीव कुमारी)। शिवपुरी रोड स्थित श्री गोबिदानंद आश्रम में महामंडलेश्वर 1008 स्वामी विद्या गिरी जी महाराज एवं श्रीमहंत बंसी पुरी महाराज के सानिध्य में पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ सोमवार से हो गया। यह धार्मिक आयोजन 17 मई से 16 जून तक चलेगा।
कथा में मुख्य यजमान के रूप में रमेश कुमार, सोहनलाल मुंगडिया, नोनू शर्मा, राघव शर्मा परिवार एवं महिला मंडल की सदस्याओं ने भाग लिया। कथा आरंभ होने से एक दिन पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसकी शुरुआत सरस्वती तीर्थ से होकर कथा स्थल तक पहुंची। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धा भाव से स्वागत किया।
व्यास पीठ से प्रवचन करते हुए आश्रम की महंत सर्वेश्वरी गिरि जी महाराज ने कहा कि कलश यात्रा आस्था, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है। यह समाज में शांति, सद्भावना और भक्ति का संदेश देने के साथ-साथ मन, वचन और कर्म की पवित्रता के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने कथा के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं को कथा स्थल की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि जहां भगवान की कथा होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। प्रभु ही सच्चे आनंद और शांति के स्रोत हैं। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने बड़े भाव और श्रद्धा के साथ भगवान की लीलाओं का श्रवण किया।
इस अवसर पर शौनकादि ऋषियों एवं सूत जी के दिव्य मिलन तथा नारद जी की भक्ति देवी से भेंट के भावपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया गया। वहीं आत्मदेव की प्रेरणादायक कथा सुनाते हुए महंत सर्वेश्वरी गिरि जी महाराज ने कहा कि मनुष्य को लोभ, मोह और अहंकार का त्याग कर प्रभु भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए।
महिला मंडल की अध्यक्षा सरोज गुप्ता ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 4 बजे से सायं 6 बजे तक आयोजित की जाएगी। उन्होंने यजमान परिवार एवं श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि भागवत कथा का उद्देश्य समाज में धर्म, प्रेम और सदाचार के मूल्यों को स्थापित करना है।
उन्होंने नगरवासियों से इस धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में आरती के उपरांत श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।








