जनवादी महिला समिति बोली—नारी शक्ति वंदन कानून को बिना शर्त तुरंत लागू करे केंद्र सरकार
गुरुग्राम, 30 अप्रैल 2026: अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति जिला कमेटी गुरुग्राम ने विधायिका में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर तहसीलदार गुरुग्राम जगदीश चंद और सुरिंदर भारद्वाज के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
समिति की राज्य महासचिव उषा सरोहा ने कहा कि अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति और अन्य प्रगतिशील संगठन संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के लिए दशकों लंबे संघर्ष में सक्रिय भागीदार रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह ऐतिहासिक संघर्ष हजारों प्रदर्शनों, रैलियों, धरनों और याचिकाओं के माध्यम से चला है।
उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 2023 में लोकसभा में नारी शक्ति वंदन विधेयक पारित किया गया, लेकिन इसे आगामी जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया गया। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार की मंशा महिला आरक्षण को तत्काल लागू करने की नहीं थी, जिसका उस समय भी विरोध किया गया था।
उषा सरोहा ने बताया कि 21 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार द्वारा बुलाए गए विशेष सत्र में भी नारी शक्ति वंदन कानून के बहाने परिसीमन लागू करने की कोशिश की गई, लेकिन इस पर विपक्ष से पर्याप्त विमर्श नहीं किया गया, जिसके चलते विधेयक पारित नहीं हो सका।
समिति ने आरोप लगाया कि “नारी शक्ति” का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडे के लिए किया जा रहा है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को बिना किसी देरी और शर्त के तुरंत लागू किया जाए। साथ ही आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ने की शर्त हटाने तथा इसके क्रियान्वयन के लिए पारदर्शी और समयबद्ध रोडमैप प्रस्तुत करने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला प्रधान रामवती, वरिष्ठ नेत्री एवं जिला कोषाध्यक्ष गिरिजा कुमारी, लीलावती और ओमवती प्रमुख रूप से शामिल रहीं।








