50 एनएसएस स्वयंसेवकों को मिला प्रशिक्षण
20 से 26 अप्रैल तक हिपा गुरुग्राम में चला प्रशिक्षण, प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाण पत्र और इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट
स्कूलों और कॉलेजों के स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन, बचाव और प्राथमिक उपचार का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

गुरुग्राम, 28 अप्रैल- केंद्र प्रायोजित युवा आपदा मित्र योजना के तहत हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (हिपा), गुरुग्राम में 20 अप्रैल से 26 अप्रैल तक आयोजित 7 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) गुरुग्राम द्वारा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हरियाणा के समन्वय से किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को आपदा के समय कम्युनिटी फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार करना था।

डीसी एवं चेयरमैन डीडीएमए उत्तम सिंह ने कहा कि आपदा कभी बताकर नहीं आती, लेकिन तैयारी हमारे हाथ में होती है। उन्होंने कहा कि युवा आपदा मित्र अब प्रशिक्षित फर्स्ट रिस्पॉन्डर हैं, जो संकट के समय तुरंत मदद पहुंचा सकते हैं। समाज में जागरूक और प्रशिक्षित युवाओं की भूमिका आपदा प्रबंधन में बहुत महत्वपूर्ण है और ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करते हैं।
सात दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण के दौरान स्कूलों और कॉलेजों के 50 एनएसएस स्वयंसेवकों के पहले बैच को आपदा प्रबंधन से जुड़ी आवश्यक तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स, सेक्टर-14 गुरुग्राम, गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स, सेक्टर-52 गुरुग्राम, हैप्पी मॉडल स्कूल तथा राजकीय विद्यालय गढ़ी हरसरू के विद्यार्थी शामिल रहे।

प्रशिक्षण का संचालन स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ), हरियाणा, जिला अग्निशमन विभाग, रेड क्रॉस, स्वास्थ्य विभाग, होमगार्ड्स और सिविल डिफेंस की विशेषज्ञ टीमों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का सफल समन्वय डीडीएमए गुरुग्राम की प्रोजेक्ट ऑफिसर पूनम दहिया तथा हिपा गुरुग्राम की कोआर्डिनेटर डॉ. अंशु ने किया।
प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को सर्च एंड रेस्क्यू, मेडिकल फर्स्ट एड, सीपीआर, घायलों की प्राथमिक देखभाल, फ्रैक्चर प्रबंधन, रोप रेस्क्यू और सुरक्षित निकासी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अभ्यास कराया गया। बाढ़, आग और अन्य आपात स्थितियों में बचाव कार्यों के लिए रस्सी तकनीक और उपकरणों के उपयोग की जानकारी भी दी गई।
सत्रों में खतरे की पहचान, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) के उपयोग और आपदा प्रतिक्रिया योजना पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया। बठिंडा पंजाब से आई एनडीआरएफ की टीम के इंस्पेक्टर रंजीत कुमार मिश्रा, हेड कांस्टेबल आलमगीर, हेड कांस्टेबल हिम्मत सिंह, कांस्टेबल शिंदे विजय, कांस्टेबल सूरज डिमरी और कांस्टेबल संदीप ने व्यावहारिक प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समापन सत्र में जिला प्रशासन से पूनम दहिया, हिपा गुरुग्राम से डॉ. अंशु, जिला नोडल अधिकारी डॉ. प्राची, जिला समन्वयक एनएसएस किशोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा भविष्य में आपात स्थिति में उपयोग के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्डर किट भी वितरित की गई।







