कहा – गेहूँ-सरसों खरीदी में गड़बड़झाले व बेईमानी को लेकर विधान सभा के विशेष सत्र में एक दिन की चर्चा हो
– श्री नायब सैनी जिम्मेवारी लें और किसान-आढ़ती-मजदूर को विशेष राहत पैकेज मिले !
जींद जिले में नरवाना, उचाना और जींद की अनाज मंडियों का दौरा कर फसल खरीद व्यवस्था का जायजा लिया और किसान-मजदूर-आढ़ती साथियों से मुलाकात की।

नरवाना,23 अप्रैल 2026 – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज नरवाना की अनाज मंडी का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनीं और भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जीन्द जिले सहित हरियाणा की की मंडियों में गेंहू की आवक जोरों पर है। लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों, खेत मजदूरों, आढ़तियों और मंडी मजदूरों के साथ लगातार अन्याय कर रही है।हरियाणा में “खेती-किसानी के लिए नासूर” बनी भाजपा, मंडी व्यवस्था को ही निग़ल जाने पर तुली है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि गेहूँ-सरसों खरीदी में गड़बड़झाले व बेईमानी को लेकर विधान सभा के विशेष सत्र में एक दिन की चर्चा हो – श्री नायब सैनी जिम्मेवारी लें और किसान-आढ़ती-मजदूर को विशेष राहत पैकेज मिले ! वीरवार को संसद रणदीप सुरजेवाला ने जींद जिले में नरवाना, उचाना और जींद की अनाज मंडियों का दौरा कर फसल खरीद व्यवस्था का जायजा लिया और किसान-मजदूर-आढ़ती साथियों से मुलाकात की। सुरजेवाला ने नरवाना मंडी गेट पर चल रहे किसान मजदूर के धरने को भी संबोधित किया और अपना समर्थन दिया। नरवाना अनाज मंडी में हो रही फसल की बेकद्री,बारिश और ओलावृष्टि से खराब फसलों का मुआवजा और विभिन्न मांगों को लेकर किसान मजदूर प्रदर्शन कर रहे हैं
सुरजेवाला ने कहा कि 24 फसलों की MSP पर खरीदी का “झूठ का गाल बजाने” वाली भाजपा हरियाणा में किसानों को गेहूँ की फसल की खरीदी और भुगतान में भी रुला रही है।किसान विरोधी भाजपा की “काली करतूतों और खेती विरोधी” साजिशों से किसान का “पीला सोना” ही “मुसीबतों का रोना” बना गया। किसानों की हकमारी और घोटालेबाजी में रफ्तार भरने वाला “भाजपाई डबल इंजन” किसानों को फसल खरीदी और उठान/भुगतान के नाम पर खून के आँसू रुला रहा है। किसान-मंडी मजदूर-आढ़ती लाचार और बेजार है। नायब सैनी सरकार की बदनीयती का नतीजा है कि पूरे प्रदेश की अनाज मंडियाँ ‘फुल’ हैं, मगर किसान की जेब ‘खाली’ है।
सुरजेवाला ने भाजपा द्वारा जानबूझकर फसल न खरीदने के भाजपाई षड्यंत्र की परतें खोलते हुए कहा कि अभी तक, हरियाणा प्रदेश की मंडियों में कुल 80 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूँ की आवक हुई है… मगर बेमौसमी बरसात, खरीदी में जानबूझकर पैदा की गई अड़चनें व अड़ंगे, सरकार द्वारा बारदाना न मुहैया करवाना, सुस्त उठान, गेहूँ स्टोरेज की जगह न होना और फसल का भुगतान न हो पाने से किसान-मजदूर-आढ़ती भयंकर परेशान है। अभी तक केवल 55.81 लाख मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद हुई है, यानी लगभग 25 लाख मीट्रिक टन गेहूँ खरीदा ही नहीं गया है। जो गेहूँ खरीदा गया, उसमें से भी उठान केवल 26.63 लाख मीट्रिक टन का ही हो पाया है। लगभग 53.06 लाख मीट्रिक टन यानी लगभग 70% गेहूँ अभी भी खुले आसमान के नीचे पड़ा है। मंडियों में कुल 7.70 लाख किसान गेहूँ बेचने के लिए आए, जिनमें से केवल 4.62 लाख किसानों का ही गेहूँ बिका। 3.08 लाख किसान अभी भी फसल बेचने के इंतजार में मंडी में धक्के खा रहे हैं।
कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा के जींद जिले की मंडियों के हालात तो और भी बदतर हैं। जींद जिले की अनाज मंडियों में 22 अप्रैल, 2026 तक 85,08,337 क्विंटल गेहूँ की आवक हुई, जिसमें से खरीद केवल 60,56,002 क्विंटल की ही हुई। 24,52,335 क्विंटल गेहूँ अभी भी खरीद के इंतजार में है। जबकि उठान केवल 16,12,946 क्विंटल गेहूँ का ही हुआ है, यानी 68,95,391 क्विंटल गेहूँ अभी भी खुले में पड़ा है।
सुरजेवाला ने कहा कि नायब सैनी सरकार की फसल ना खरीदने की मंशा तभी नजर आ गई थी, जब उन्होंने बायोमेट्रिक, सर्वर, ट्रैक्टर नंबर आदि अनिवार्य करने का तानाशाही फरमान सुनाया। जब किसान फसल लेकर मंडी में बेचने आता है तो ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से भाजपा सरकार द्वारा पोर्टल का ये जंजाल क्यों किया गया है? गेंहूँ लेकर मंडी में आए किसानों के ट्रैक्टर का नम्बर अनिवार्य करने का ये तानाशाही आदेश क्यों? खेत में काम करते हुए किसान का अँगूठा घिस जाता है, निशान मिट जाता है तो फिर फसल बेचने को लेकर मंडी में आए किसानों की बायोमेट्रिक की शर्त क्यों लगाई गई? फसल कटाई के लिए खेत में आई कंबाइन में फसल डालने के लिए किसान को ट्राली में गेंहू डलवानी पड़ती है और फिर उसे बेचने के लिए मंडी में आता है और यहां आकर सर्वर डाउन से ट्रैक्टर ट्राली की फोटो अपलोड नहीं होगी। इतने में कम्बाइन वाला फसल कटाई छोड़कर भाग जाएगा। तो किसान के साथ भाजपा का यह दुर्व्यवहार क्यों?
सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा सरकार फसल खरीद की महत्वपूर्ण कड़ी आढ़तियों से भी विश्वासघात कर रही है। कांग्रेस सरकार में आढ़तियों को 2.5% आढ़त देने का प्रावधान था। भाजपा सरकार ने इसे घटाकर ₹45.88 प्रति क्विंटल कर दिया। चुनाव से पहले ₹55प्रति क्विंटल किया, चुनाव के बाद फिर घटाकर ₹45.88 प्रति क्विंटल कर दिया। अब ₹50.75 प्रति क्विंटल कर दिया गया है। आढ़तियों को पूरा 2.5%आढ़त क्यों नहीं दी जा रही? सरकार आढ़तियों की रोजी-रोटी छीन रही है। यही नहीं, आढ़तियों को 6-6 महीने तक आढ़त की रकम भी नहीं मिल पाती और अक्सर मंडी मजदूर की मजदूरी भी जेब से देनी पड़ती है। ऊपर से आढ़तियों पर ‘घटती की मार’ रोज़ पड़ती है। भाजपाई षड्यंत्र साफ है कि किसी तरह से मंडियों को बंद कर आढ़तियों को खत्म करना है।
उन्होंने कहा कि किसानों के साथ भाजपा सरकार द्वारा की गई लापरवाही देखिए। डेढ़ महीने पहले मैंने मुख्यमंत्री नायब सैनी को चेतावनी दी गई थी कि FCI और हैफेड के गोदाम 95% खाली हैं। धान को मध्य और दक्षिण भारत में शिफ्ट करने की सलाह दी गई, लेकिन नायब सैनी सरकार ने कुछ नहीं किया। अब कह रही है कि गोदामों में जगह नहीं है।
उन्होंने कहा कि मौसम विभाग 1 महीने पहले खराब मौसम की जानकारी दे देता है। जब बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि हुई किसान की फसल मंडियों में भीगती रही लेकिन फसल की बचाव के लिए सरकार की तरफ़ से तिरपाल तक मुहैया नहीं करवाई गई। बताइए, सरकार द्वारा 1 महीने पहले तिरपाल क्यों नहीं ख़रीदी गई? मंडियों में तिरपाल के इंतज़ाम क्यों नहीं किए गए? किसान को बेमौसमी बारिश से फसल का बहुत ज़्यादा नुकसान हुआ। लेकिन भाजपा सरकार की तरफ से किसानों को मुआवजा तक नहीं दिया गया। आख़िर किसानों के साथ ये धोखा व छल क्यों? बेमौसमी बारिश के कारण ख़राब हुई फसल का जब सरकार की तरफ़ से रिलेक्सेशन ख़रीद का सिस्टम होता है तो रिलेक्सेशन के तहत ख़रीद क्यों नहीं की जा रही?
उन्होंने कहा कि बारदाना 2 महीने पहले खरीदना चाहिए था, लेकिन खरीदा नहीं गया। पटसन (जूट) के मजबूत बैग क्यों नहीं खरीदे गए? एचडीपीई प्लास्टिक बैग खरीदे गए, जिनके माइक्रो ग्राम बढ़ाए नहीं गए।
सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री नायब सैनी पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी कहते थे कि खरीदी गई फसल का 48 घंटों में भुगतान कर दिया जाएगा। 1 अप्रैल 2026 से सरकारी खरीद शुरू है लेकिन 23 दिन बाद भी सरकार द्वारा खरीदी गई गेंहूं की किसानों को पेमेंट नहीं दी जा रही।
भाजपा सरकार से मांग करते हुए रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि तुरंत सर्वर और पोर्टल की गड़बड़ी दूर की जाए। बिना किसी अड़चन के गेहूँ की खरीदी शुरू की जाए और भुगतान किया जाए। आढ़तियों को 2.5% आढत दी जाए, जो कांग्रेस सरकार के समय सुनिश्चित थी। मंडी मजदूरों की मजदूरी बढ़ाई जाए और उठान का इंतजाम किया जाए। खराब हुई फसल का मुआवजा दिया जाए और रिलेक्सेशन खरीदी शुरू की जाए। पर्याप्त बारदाना और तिरपाल उपलब्ध कराई जाए।
सांसद रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार के यह ‘तुगलकी फरमान’ असल में छोटे-सीमांत किसानों, भूमिहीन पट्टेदार किसानों, ट्रैक्टर-ट्रॉली न रखने वाले किसानों और उन परिवारों के लिए मुसीबत बन गया है जो दिन-रात खेतों में मेहनत करते हैं। भाजपा सरकार का मकसद साफ है — खरीद टारगेट घटाओ, उठान रुकवाओ, स्टोरेज की कमी पैदा करो और किसानों को मजबूर क किसान, मजदूर और आढ़ती अब भाजपा सरकार की इस ठगी और बदइंतजामी से तंग आ चुके हैं। नायब सैनी सरकार को अपनी आँखें खोलनी चाहिए। प्रदेश का किसान-मजदूर और आढ़ती जाग चुका है, आपके किसान-मजदूर-आढ़ती विरोधी चेहरे को भांप चुका है।
इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर, हिसार ग्रामीण जिला अध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया, वरिष्ठ नेता बृजेंद्र सिंह सुरजेवाला,मनजीत सुरजेवाला,जगरूप सुरजेवाला, कृषक समाज प्रांतीय अध्यक्ष ईश्वर नैन, एआईसीसी सदस्य राजेश संदलाना कांग्रेस एससी सैल जिला अध्यक्ष सतबीर दबलैन,अनाज मंडी फूड ग्रेन एसोसिएशन प्रधान जयदेव बंसल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य कैलाश सिंगला, पूर्व नगर परिषद प्रधान भारत भूषण गर्ग, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य सुशील कौशिक एडवोकेट, जियालाल गोयल, संदीप लौट, अनाज मंडी फूड ग्रेन एसोसिएशन उप प्रधान बलबीर लौन, श्री कृष्ण अलीपुरिया, मंडी उप प्रधान जोगेंद्र कुंडू, सैनी सभा के प्रधान कर्मवीर सैनी, देवेंद्र सिंह मंटा सरपंच, राजू एमसी, कृषक समाज के युवा जिला अध्यक्ष बिन्दर फरैण, सज्जन सिंगला, प्रवीण दनोदा, आशुतोष शर्मा, सुरेंद्र कान्हाखेड़ा सहित अन्य साथी मौजूद रहे।








