“181 सीटें आरक्षित कर तुरंत लागू करें महिला आरक्षण”
रेवाडी,18 अप्रैल 2026 । स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस व इंडिया गठबंधन के सांसदों का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने महिला आरक्षण की आड़ में कथित रूप से मोदी-भाजपा-संघ द्वारा मनमाने परिसीमन के जरिए सत्ता पर लंबे समय तक कब्जा बनाए रखने के “षड्यंत्र” को विफल कर दिया।
विद्रोही ने आरोप लगाया कि यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता, तो चुनाव आयोग की मिलीभगत से “वोट चोरी” की तरह ही लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव कर राजनीतिक लाभ उठाने का रास्ता खुल जाता। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने संसद में संविधान संशोधन विधेयक को गिराकर न केवल लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की, बल्कि ओबीसी वर्ग के हितों को भी सुरक्षित रखा।
“परिसीमन को 2011 जनगणना से जोड़ना भी साजिश”
विद्रोही ने कहा कि महिला आरक्षण को 2011 की जनगणना से जोड़ने का प्रयास भी पिछड़े वर्ग की महिलाओं को इसका लाभ न मिलने देने की रणनीति थी। उनके अनुसार, यह कदम सामाजिक न्याय के खिलाफ था।
“75% आबादी के हितों की रक्षा”
उन्होंने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन ने इस कदम के जरिए देश की लगभग 75 प्रतिशत आबादी—पिछड़े, दलित और आदिवासी वर्ग—के हितों की रक्षा की है। विद्रोही ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा भारत का राजनीतिक और भौगोलिक स्वरूप बदलकर लंबे समय तक सत्ता में बने रहने की योजना बना रही थी।
महिला आरक्षण पर भाजपा पर सवाल
विद्रोही ने सवाल उठाया कि जब वर्ष 2023 में ही महिला आरक्षण कानून संविधान का हिस्सा बन चुका है, तो विपक्ष ने इसे कब और कहां रोका? उन्होंने कहा कि विपक्ष ने केवल “मनमाने परिसीमन” का विरोध किया है, न कि महिला आरक्षण का।
“181 सीटें आरक्षित कर तुरंत लागू करें”
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सरकार वास्तव में महिला हितैषी है, तो 543 लोकसभा सीटों में से 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर तुरंत महिला आरक्षण लागू करे। साथ ही, राज्य विधानसभाओं में भी एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएं।
विद्रोही ने कहा कि पूरा विपक्ष 2029 से महिला आरक्षण लागू करने के लिए तैयार है, बशर्ते इसे निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए।
जनता से अपील
अंत में उन्होंने महिलाओं और आम जनता से अपील की कि वे भाजपा-संघ के “षड्यंत्र, झूठ और अफवाहों” से सतर्क रहें और सरकार से महिला आरक्षण को वास्तविक रूप में लागू करने की मांग करें।









