डीएचबीवीएन की 25 सब-डिवीजनों पर विशेष निगरानी
गुरुग्राम, 17 अप्रैल 2026 । हरियाणा सरकार के विशेष ऊर्जा सचिव व उत्तर एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार निगम द्वारा औसत एवं प्रोविजनल (एवी/पीआर) बिलिंग मामलों के समयबद्ध समाधान को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
बिलिंग दक्षता की समीक्षा बैठक में पाया गया कि निगम की ओके बिलिंग 93.50 प्रतिशत दर्ज की गई है। 98 प्रतिशत के लक्ष्य प्राप्ति के लिए इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए निगम स्तर पर निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ किया गया है।
नियमित निगरानी के सख्त निर्देश
प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह द्वारा मुख्यालय / मुख्य अभियंता स्तर पर पखवाड़ा समीक्षा, सर्कल स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा तथा कार्यकारी अभियंता एवं उपमंडल अधिकारी स्तर पर दैनिक निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन अद्यतन करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
समीक्षा में यह सामने आया कि 25 सब-डिवीजनों में ओके बिलिंग 90 प्रतिशत से कम दर्ज की गई है, जो निगम की समग्र बिलिंग प्रतिशतता में गिरावट का प्रमुख कारण बनी हुई है।
इन सब-डिवीजनों में प्रमुख रूप से पाली व बदरोला (फरीदाबाद), निजामपुर व नांगल चौधरी (नारनौल), सोहना (गुरुग्राम-द्वितीय), मंडकोला, हथीन, दीघोट, चांदहट, हसनपुर, पलवल सबअर्बन, फिरोजपुर झिरका व नूंह (पलवल), चरखी दादरी (भिवानी), नारनौंद, मुंढाल, उमरा, हांसी सब-अर्बन, बड्डो पट्टी, बरवाला (हिसार), टोहाना सिटी (फतेहाबाद), नागूरां, पिल्लू खेड़ा, सबअर्बन-1 एवं 2 (जींद) शामिल हैं।
एवी एवं पीआर मामलों की चिंताजनक स्थिति
फरवरी-मार्च 2026 की अवधि के दौरान एवी एवं पीआर मामलों की संख्या उल्लेखनीय रूप से अधिक पाई गई। दिल्ली जोन में 1,25,083 तथा हिसार जोन में 1,19,514 मामलों सहित कुल 2,44,597 एवी/पीआर मामले लंबित पाए गए हैं।
सुधार के लिए जारी किए गए प्रमुख निर्देश
खराब प्रदर्शन वाले 25 सब-डिवीजनों की कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। जिन स्थानों पर मीटर कार्यशील हैं, वहां सभी प्रोविजनल बिलों को तुरंत ठीक कर ‘ओके’ स्थिति में परिवर्तित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही सभी अधीक्षण अभियंताओं को विशेष निर्देश दिए गए कि निगम स्टोर में मीटरों की उपलब्धता हो चुकीं है इसलिए पुराने मीटर संबंधी शिकायतों तथा एवी/पीआर मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा गया है।
चरणबद्ध लक्ष्य निर्धारित
बिलिंग प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए ओके बिलिंग के चरणबद्ध लक्ष्य तय किए गए हैं। 70 प्रतिशत तक प्रदर्शन वाले सब-डिवीजन 80 प्रतिशत लक्ष्य, 80 प्रतिशत तक वाले 90 प्रतिशत लक्ष्य, 90 प्रतिशत तक वाले 95 प्रतिशत लक्ष्य, 95 प्रतिशत तक वाले 98 प्रतिशत लक्ष्य तय किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, सभी नए बिलिंग अपवादों को सेल्स सर्कुलर 04/2026 तथा सीबीओ विंग द्वारा जारी एसओपी के अनुसार निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सोलर तथा एचटी एवं एलटी कनेक्शनों में किसी भी स्थिति मे औसत या प्रोविजनल बिलिंग नहीं की जाए।








