सीएक्यूएम की बैठक में गुरुग्राम सहित हरियाणा के शहरों की एक्शन प्लान प्रगति की हुई समीक्षा

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वर्चुअल बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने प्रस्तुत की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट, वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर संतोष जताते हुए लक्ष्यों में तेजी के निर्देश

गुरुग्राम, 17 अप्रैल। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा वर्चुअल माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, मानेसर, रोहतक और करनाल सहित हरियाणा के प्रमुख शहरों की वर्ष 2026 की वार्षिक कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता सीएक्यूएम के सदस्य सचिव तरुण कुमार पिथोडे ने की।

बैठक में नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने सीएक्यूएम के दिशा-निर्देशों के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं से अधिकारियों को अवगत कराया।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए बहुआयामी कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। पिछले वर्षों के आंकड़ों के आधार पर वर्ष 2026 तक एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को 189 से घटाकर 170 करने तथा पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में 10 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

वाहन प्रदूषण कम करने के लिए ई-व्हीकल को बढ़ावा

शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए सिटी बसों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत चरणबद्ध तरीके से बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 20 ईवी चार्जिंग स्टेशन और 25 बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए संबंधित एजेंसी के साथ एमओयू भी किया जा चुका है।

ट्रैफिक जाम और निगरानी प्रणाली पर विशेष फोकस

गुरुग्राम में 31 ट्रैफिक हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां चरणबद्ध तरीके से जाम की समस्या का समाधान किया जा रहा है। इसके अलावा, शहर में 1200 कैमरे पहले से सक्रिय हैं और 2722 अतिरिक्त कैमरों की स्थापना का कार्य प्रगति पर है, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण में सुधार होगा।

सीएंडडी वेस्ट प्रबंधन को प्राथमिकता

शहर में प्रतिदिन लगभग 1500 टन सीएंडडी वेस्ट उत्पन्न होता है, जिसमें से 1200 टन का निस्तारण बसई स्थित प्लांट में किया जा रहा है। शेष 300 टन की प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने के लिए नए प्लांट और 20 कलेक्शन पॉइंट विकसित किए जा रहे हैं। निर्माण स्थलों की निगरानी के तहत जनवरी से मार्च तक 646 निरीक्षण किए गए हैं। साथ ही, डोर-टू-डोर कलेक्शन की योजना भी तैयार की जा रही है।

सड़क सुधार और धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय

शहर में 493 किलोमीटर से अधिक सड़कों के पुनर्विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धूल नियंत्रण के लिए 20 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें कार्यरत हैं, एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर का उपयोग किया जा रहा है तथा 294 सड़कों पर डस्ट हॉटस्पॉट क्लीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। इन सभी मशीनों की जीपीएस के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।

बंधवाड़ी में लीगेसी वेस्ट निस्तारण में तेजी

बंधवाड़ी डंप साइट पर लगभग 17.93 लाख मीट्रिक टन कचरा शेष है। हर माह 1.5 से 2 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण की क्षमता विकसित की गई है और मार्च 2027 तक पूरे लीगेसी वेस्ट के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नई मशीनरी के लिए ठेके जारी किए जा चुके हैं।

जनजागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर जोर

गुरुग्राम में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि प्रदूषण नियंत्रण उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

बैठक में सीएक्यूएम अधिकारियों ने गुरुग्राम में किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन साथ ही निर्देश दिए कि त्रैमासिक लक्ष्यों को और तेजी से पूरा किया जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा में वायु गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जा सके। गुरुग्राम द्वारा वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों को सही दिशा में बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि यदि इन योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो आने वाले समय में शहर की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

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Author: Bharat Sarathi

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