डीएलएसए गुरुग्राम द्वारा बाल विवाह निषेध पर जागरूकता शिविर आयोजित

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विद्यार्थियों और युवाओं को कानून एवं दुष्परिणामों की जानकारी दी गई

बाल विवाह रोकथाम और निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति किया जागरूक

गुरुग्राम, 10 फरवरी-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुरुग्राम द्वारा आज बाल विवाह निषेध विषय पर एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सुषांत विश्वविद्यालय तथा नियो फ्यूज़न क्रिएटिव फाउंडेशन (एनजीओ) के सहयोग से आयोजित किया गया। यह जागरूकता शिविर 15 दिवसीय सामाजिक इंटर्नशिप कार्यक्रम के द्वितीय दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया।

इस शिविर का उद्देश्य समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के विरुद्ध जागरूकता फैलाना तथा आमजन, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्रदान करना था।

इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव, डीएलएसए गुरुग्राम राकेश कादियान के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों को बताया गया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है। बाल विवाह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक विकास को प्रभावित करता है, बल्कि उनके भविष्य के अधिकारों का भी हनन करता है।

वक्ताओं द्वारा यह भी बताया गया कि बाल विवाह की सूचना संबंधित विभागों को देकर इसे रोका जा सकता है तथा पीड़ित बच्चों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है। कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी परामर्श और जरूरतमंद व्यक्तियों को सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।

शिविर में सभी प्रतिभागियों को बाल विवाह रोकने हेतु समाज में जागरूकता फैलाने तथा बाल विवाह की सूचना तुरंत संबंधित प्राधिकरण को देने के लिए प्रेरित किया गया।

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Author: Bharat Sarathi

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