700 से अधिक पदक विजेताओ को दिये जायेगे –

दिल्ली, 9 फरवरी 2026 – पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि इटली में चल रहे विंटर ओलम्पिक 2026 के पदक 130 साल के इतिहास में सबसे महंगे होंगे। सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल इसका मुख्य कारण है। पेरिस ओलम्पिक 2024 के मुकाबले गोल्ड मेडल की कीमत 121% और सिल्वर मेडल की 156% बढ़ी है। विंटर ओलम्पिक 2026 में 700 से अधिक पदक दिए जाएंगे, जो भावना के साथ रिकॉर्ड बाजार मूल्य का प्रतीक होंगे, हालांकि गोल्ड मेडल में केवल 6 ग्राम शुद्ध सोना होता है। इटली में 6 फरवरी 2026 से विंटर ओलंपिक की शुरुआत हो चुकी है लेकिन मेडल की कीमतें सभी का ध्यान खींच रही हैं।
विंटर ओलंपिक के आयोजकों की मानें, तो गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज के 700 से अधिक मेडल दिए जाएंगे। ये मेडल न केवल भावना का प्रतीक होंगे बल्कि बाजार में इनकी कीमत भी रिकॉर्ड कायम करेगी। बता दें कि विंटर ओलंपिक का आयोजन इटली के मिलानो-कोर्टिना शहर में हो रहा है। इसमें स्कीइंग, आइस हॉकी, फिगर स्केटिंग और कर्लिंग जैसे खेल खेले जाएंगे।
पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान मेडल की कीमत –

पेरिस इंटरनेशनल ओलम्पिक से शतरंज एशिया महाद्वीप के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान गोल्ड मेडल कीमत बाजार में 86,000 रुपये हुआ करती थी, जो अब बढ़कर 1,90,000 रुपए हो गई है। इस तरह से गोल्ड मेडल की कीमतों में 121% की वृद्धि हुई है। इसके अलावा सिल्वर मेडल की बात करें, तो पेरिस ओलंपकि के दौरान इसकी कीमत 46,000 हुआ करती थी, जो अब बढ़कर 1,15,000 हो गई है। सिल्वर मेडल की कीमतों में 2024 से अब तक 156% बढ़ोतरी हुई है। ब्रॉन्ज मेडल भी 2024 में 380 रुपये का होता था, जो अब 21 प्रतिशत वृद्धि के साथ 460 रुपए हो गया है।
क्या शुद्ध सोने का होता है मेडल –
ओलंपिक में दिया जाने वाला गोल्ड मेडल शुद्ध सोने का नहीं होता है, बल्कि इसमें सिर्फ 6 ग्राम शुद्ध सोना प्लेटिंग के रूप में होता है। इसका बाकी 99.9% हिस्सा चांदी से बना होता है। इसका वजन 506 ग्राम होता है। अगर सिल्वर मेडल की बात करें, तो ये पूरी तरह से चांदी से बना होता है, जबकि ब्रॉन्ज मेडल तांबे से तैयार किया जाता है।







