गुरुग्राम में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 की तैयारियों को लेकर क्षमता विकास प्रशिक्षण सत्र हुआ आयोजित

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निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में साहस एनजीओ की टीम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 के फ्रेमवर्क, प्रमुख इंडिकेटर्स और सत्यापन पद्धति की विस्तृत समझ विकसित करने पर दिया जोर

गुरुग्राम, 3 फरवरी। नगर निगम गुरुग्राम में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक विशेष क्षमता विकास सत्र आयोजित किया गया। यह सत्र निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में सेक्टर-34 स्थित एमसीजी कार्यालय में आयोजित हुआ। सत्र का उद्देश्य शहर की तैयारियों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और आगामी सर्वेक्षण के लिए रणनीतिक दिशा तय करना था।

स्वच्छ सर्वेक्षण के ढांचे और सत्यापन प्रक्रिया पर फोकस

इस नेतृत्व सत्र में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 के फ्रेमवर्क, प्रमुख इंडिकेटर्स और सत्यापन पद्धति की विस्तृत समझ विकसित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को यह बताया गया कि किस प्रकार ऑन-ग्राउंड कार्यों, दस्तावेजी साक्ष्यों और नागरिक सहभागिता के आधार पर अंक प्रदान किए जाते हैं।

गुरुग्राम की मौजूदा तैयारियों की समीक्षा

बैठक के दौरान अधिकारियों और प्लानिंग टीम ने शहर की वर्तमान स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन प्रणाली, फील्ड लेवल चुनौतियों और सुधार की संभावनाओं पर चर्चा की। अनुभवों के आधार पर यह समझने का प्रयास किया गया कि किन क्षेत्रों में गुरुग्राम मजबूत स्थिति में है और किन क्षेत्रों में त्वरित सुधार की आवश्यकता है।

उच्च प्रभाव वाले त्वरित कार्यों की पहचान

सत्र में सामूहिक चर्चा के माध्यम से कुछ ऐसे हाई-इम्पैक्ट कार्यों की पहचान की गई जिन्हें कम समय में लागू कर स्वच्छ सर्वेक्षण के परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव डाला जा सकता है। इसमें स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण, सफाई निगरानी की मजबूती, सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और नागरिक जागरूकता बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

गार्बेज फ्री सिटी रेटिंग की भूमिका पर चर्चा

बैठक में गार्बेज फ्री सिटी फ्रेमवर्क की भूमिका पर भी विशेष चर्चा की गई। बताया गया कि जीएफसी रेटिंग न केवल स्वच्छ सर्वेक्षण के अंकों को बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि शहर की समग्र स्वच्छता और कचरा प्रबंधन प्रणाली को टिकाऊ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सहभागिता आधारित सत्र, समूह गतिविधियों पर जोर

पूरा सत्र चार मुख्य भागों में विभाजित रहा, जिसमें प्रस्तुति, समूह अभ्यास, सामूहिक विचार-विमर्श और प्राथमिकता निर्धारण शामिल रहे। यह पारंपरिक बैठक के बजाय एक इंटरैक्टिव वर्किंग सेशन के रूप में आयोजित किया गया, जिससे अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हुई।

सत्र का संचालन साहस एनजीओ प्रतिनिधियों ने किया

इस सत्र का संचालन स्वच्छता और कचरा प्रबंधन क्षेत्र में कार्यरत संस्था साहस एनजीओ प्रतिनिधियों द्वारा किया गया। सलाहकार सोनिया गार्गा और प्रोजेक्ट मैनेजर रुखसार गौरी ने अधिकारियों को तकनीकी पहलुओं और जमीनी कार्यप्रणाली की समझ प्रदान की।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 में बेहतर प्रदर्शन के लिए जमीनी स्तर पर ठोस सुधार जरूरी हैं। हमारा लक्ष्य केवल रैंकिंग नहीं, बल्कि गुरुग्राम को वास्तव में स्वच्छ और बेहतर शहर बनाना है। उन्होंने कहा कि यह सत्र गुरुग्राम को स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निगम प्रशासन अब चिन्हित प्राथमिकताओं पर तेजी से कार्यान्वयन की दिशा में आगे बढ़ेगा।

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Author: Bharat Sarathi

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